VIDEO: छग में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था पर विभाग कब देगा ध्यान, कोविड सेंटरों से रोजाना सामने आती है लापरवाही की तस्वीरें, अब पुलिस ने की कोरोना मरीज की पिटाई

धरने पर बैठे कोरोना मरीज, संक्रमित क्या हुए अछूतों से भी बुरा बर्ताव, जवाब देने से बच रहे हैं जिम्मेदार

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था बिगड़ती जा रही है. सबसे ज्यादा खस्ता हाल राजधानी रायपुर का है. कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य विभाग की दावों की पोल खोल कर रख दी है. जब अभी स्थिति भयावह हो चली है, तो आने वाले समय में स्थिति कैसी होगी. प्रदेश में सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाओं पर ही जोर देने की जरूरत है. लेकिन बीमारी के इस दौर में भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यही वजह है कि आए दिन कोविड सेंटरों से लापरवाही की खबरें सामने आती है. बड़ा सवाल ये है कि खबरें तो रोजाना बनेंगी, लेकिन इन अव्यवस्थाओं को सुधारा कब जाएगा. क्योंकि अभी जरूरत है लोगों को अच्छी स्वास्थ्य मुहैय्या कराने की.

सत्यपाल सिंह,रायपुर। नया रायपुर स्थित उपरवारा कोविड सेंटर में लापरवाही का नया मामला सामने आया है. सेंटर में भर्ती मरीजों को मामूली सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है. सेंटर में भर्ती मरीजों ने वीडियो जारी कर शासन-प्रशासन से व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है. इतना ही नहीं पुलिस वाले ने कोरोना मरीजों के साथ मारपीट भी की है. जिससे नाराज मरीजों ने पुलिस वाले को दौड़ा कर कमरे में बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए हैं.

मरीजों ने बताई आपबीती

कोरोना मरीजों ने lalluram.com से बातचीत में कहा कि बिजली पानी की व्यवस्था नहीं है. जब हम इन सब की मांग करने लगे, तो पुलिस बुला लिया गया. पुलिस ने व्यवस्था को देखते हुए पानी पाउंच दिया. उसके आधे घंटे बाद एक आकांक्षा तिर्की नाम के पुलिस वाले ने गाली गलौच करते हुए कोरोना मरीजों के साथ मारपीट की. जब अति होने लगा, तो सभी मरीजों ने पुलिस वाले को दौड़ा दिया, तब जाकर पुलिस वाले हॉस्पिटल के कमरे में जा घुसे, फिर हम लोगों ने बाहर से कमरा बंद कर दिया.

खाने और कचरे का डिब्बा रखा एक साथ

मरीजों ने कोविड हॉस्पीटल के बदहाली को दिखाते हुए वीडियो भी जारी किया. जिसमें 300 मरीजों के लिए सिर्फ एक वाटर केन की व्यवस्था की गई है. गंदगी का आलम यह है कि डराने वाले तस्वीर वीडियो में नजर आता है. जिस जगह पर डस्टबीन है, कचरा बिखरा हुआ है, उसी जगह पर खाना रखा जाता है. मरीजों ने कहा कि डॉक्टर आते ही नहीं है. दवा गेट से फेंककर दिया जाता है. इतना कौन बर्दास्त करेगा. उसमें भी पुलिस वाले को बुलाकर मारपीट कराते हैं.

पहले भी हुई थी शिकायत

आयुष हॉस्पिटल के डॉ. विमल किशोर राय कोविड-19 के नोडल अधिकारी है. डॉ. विमल किशोर को कई बार फोन लगाया गया, मैसेज किया गया, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आया. गौरतलब है कि इसके पहले भी हॉस्पिटल में अव्यवस्था को लेकर शिकायत की गई थी. हॉस्पिटल के बाहर पीपीई कीट फेंका जा रहा था. इन सभी समस्याओं के लेकर सरपंच के अगुवाई में गांव ने जमकर विरोध किया था, फिर जाकर सफाई कराया गया था.

इसे भी पढ़ें– कोविड अस्पताल गांव वालों के लिए बना मुसीबत, खुले में फेंके जा रहे पीपीई किट, मास्क और ग्लब्स संक्रमण फैलने का खतरा, ग्रामीणों ने जताया विरोध…

जिम्मेदार अधिकारी से मांगा जाएगा जवाब

इस संबंध में जिला चिकित्सा अधिकारी मीरा बघेल ने कहा कि कोविड सेंटर में जो जिम्मेदार अधिकारी है. उनकी यह पूरी जिम्मेदारी होती है कि वहां व्यवस्था किस तरह बनाए रखना है. लेकिन इंचार्ज के वहां मौजूद नहीं होने की बात कही जा रही है. उनसे जवाब मांगा जाएगा कि ड्यूटी के दौरान मौजूद क्यों नहीं थे. घटना क्रम की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

loading...

Related Articles

Back to top button
Close
Close
 
धन्यवाद, लल्लूराम डॉट कॉम के साथ सोशल मीडिया में भी जुड़ें। फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो करें एवं हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।