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अमित पाण्डेय, खैरागढ़। खैरागढ़ लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, एसडीओ समेत तीन इंजीनियरों पर करप्शन के आरोप लगे हैं. अधिकारियों पर 13.33 लाख रुपये डकारने के आरोप हैं. शासकीय राशि के गबन का मामला तत्कालीन कलेक्टर जगदीश सोनकर के कार्यकाल सामने आया है.
इन पर आरोप है कि सड़कों की मरम्मत हुई नहीं और लोक निर्माण विभाग खैरागढ़ के अभियंताओं ने कागज में ही फर्जी माप और बिल बनाकर 13.33 लाख रूपये भुगतान भी कर दिए.
RTI कार्यकर्ता अदित्यसिंह परिहार ने उपरोक्त मामले के संपूर्ण दस्तावेज़ आरटीआई के माध्यम से प्राप्त कर सबन्धित विभाग के द्वारा कार्रवाई न होता देख उक्त मामले में कार्रवाई के लिए दस्तावेज सहित खैरागढ़ थाने में शिकायत की.
आवेदन पत्र के साथ एसडीएम की जांच समिति का जांच प्रतिवेदन भी दिया गया था, जिसमें एसडीओ संजय जागृत समेत सभी अधिकारियों को ग़बन का दोषी पाया और शीघ्र ही अपराध दर्ज कर निलंबित करने का आदेश था.
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आज एक माह बीत जाने के बाद भी अभी तक थाना प्रभारी जांच जारी है, जबकि एसडीएम के जांच प्रतिवेदन में इन अधिकारियों को दोषी पाए जाने के बावजूद कार्रवाई ना करना पुलिस की संदेहास्पद कार्यशैली को प्रदर्शित कर रहा है.
बता दें कि मामले की शिकायत मिलने के बाद ततकालीन कलेक्टर डॉ. जगदीश कुमार सोनकर द्वारा एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत की अध्यक्षता में गठित संयुक्त दल ने अपनी जांच रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग के अफसरों को पूर्ण रूप से दोषी पाया है. जांच दल द्वारा उक्त रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंप दिया था.
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आश्चर्य की बात यह है कि जब कलेक्टर ने एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत की अध्यक्षता में जांच दल गठित कर जांच करवाया. जहां पर जांच दल ने उपरोक्त मामले की गहनता से जांच करते हुए संबधित विभाग के उपअभियंता अश्वनी यदु, योगिता करभाल, फौजिया मौल सहित एसडीओ. संजय जागृत को 13.33 लाख रुपये का गबन का दोषी पाया है.
दोषी पाए जाने के बाद संबंधित इंजीनियरों को निलंबित कर दिया जाना था, लेकिन सभी अधिकारी अभी भी कार्यरत हैं. कलेक्टर की जांच टीम ने इंजीनियरों को दोषी ठहराया है. उसके बाद भी कारण बताओ नोटिस जारी किया. उक्त मामले को लेकर हमने सभी संबंधित अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन लगभग सभी ने गोल मोल जवाब देकर मीडिया से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं.
इन सड़कों का फर्जीवाड़ा कर लाखों का घोटाला
- पेड्री-दपका मार्ग में 74 हजार 821 रूपए।
- राजनांदगांव-कवर्धा मार्ग 3 लाख 59 हजार 56 रूपए।
- सिंगारघाट-बेंद्रीडीह मार्ग में 70 हजार 848 रूपए।
- पिपारिया-मुहडबरी मार्ग 4 लाख 28 हजार 527 रूपए।
- कुकुरमुड़ा-सिंघौरी व शेरगढ़-बफरा मार्ग में 1 लाख 14 हजार 386 रूपए।
- खैरागढ़-अतारिया मार्ग 1 लाख 73 हजार 9 रूपए।
- धनेली-देवारीभाठ-भरदाकला 4 लाख 28 हजार 527 रूपए।
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