भाजपा के इन दोनों पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों की जीत को लेकर इतनी आशंकाएं क्यों हैं?

रायपुर। लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अब परिणाम पर सबकी नजर है. देश में किसकी सरकार बनेगी और कौन प्रधानमंत्री बनेगा इसके अलावा चर्चा भाजपा के दो पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों को लेकर भी है. चर्चा है कि मोदी सरकार में शामिल पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह क्या अपनी सीटें बचा पाएंगे. भाजपा के इन दो बड़े नेताओं की जीत को लेकर आशंका जताई जा रही है. वह भी उस समय जब देश में मोदी लहर के दावे किये जा रहे हैं और एक्जिट पोल की भविष्यवाणी एक बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटने की है.

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राजनाथ सिंह मोदी सरकार में नंबर दो की हैसियत पर देश का गृहमंत्रालय सम्हाल रहे हैं. वे लखनऊ सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन यहां उनकी जीत को लेकर कशमकश की स्थिति बनी हुई है. राज्य में सपा-बसपा गठबंधन मजबूत स्थिति में है वहीं कांग्रेस ने प्रमोद कृष्णन को उतारकर मुकाबले को काफी रोचक बना दिया है.

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इसके साथ ही भाजपा के ही एक और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी की नागपुर सीट को लेकर भी देश भर में चर्चा है. गडकरी संघ के बेहद करीबी व्यक्तियों में से एक हैं. उन के सामने यहां दलित समुदाय से आने वाले नाना भाई पटोले को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है. गडकरी ने नागपुर में विकास के अनेकों काम किये हैं जिसमें नागपुर वासियों का मेट्रो ट्रेन का सपना भी उन्होंने पूरा कर दिखाया. इसके बावजूद उनकी जीत को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. सर्वे में भी उनकी जीत को लेकर आशंका जताई गई है. वह भी ऐसे समय जब देश में मोदी लहर की बात कही जा रही है. हाल ही में आए सर्वे में मोदी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन को बड़ी जीत मिलती बताई जा रही है लेकिन इन सबके बीच राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को जीता हुआ नहीं बताया जा रहा है बल्कि उनकी जीत पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है.

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भाजपा के इन दोनों पूर्व अध्यक्षों की जीत को लेकर आशंकाएं इसलिए भी जताई जा रही है कि दोनों ही प्रधानमंत्री पद के विकल्प के रुप में देखे जा रहे हैं. वहीं गडकरी तकरीबन साल भर से शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. चर्चा है कि दोनों की हार के लिए राजनीतिक बिसात चुनाव के पहले ही बिछाई जा चुकी थी. हालांकि परिणाम आने में अब ज्यादा समय नहीं है.

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