अविनाश श्रीवास्तव/रोहतास। जिले के तिलौथू और अमझोर के बीच स्थित सोन नदी के रेतीले टीलों पर पिछले दो दिनों से एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा है। कैमूर पहाड़ियों से भटक कर आए इस गजराज के कारण नदी के बीच बसे किसानों और स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।
नौहट्टा से तिलौथू तक का सफर
बताया जा रहा है कि यह वही हाथी है जिसे एक सप्ताह पहले नौहट्टा के जंगलों और कैमूर पहाड़ी के तराई क्षेत्रों में देखा गया था। जंगल से रास्ता भटक कर यह विशालकाय जीव अब सोन नदी की धारा के बीच ऊंचे टीलों तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर कम होने के कारण इस इलाके में कई किसानों ने झोपड़ियां बनाकर अस्थाई निवास बनाया है और खेती-बाड़ी कर रहे हैं।
रात के साये में हमले का डर
हाथी ने अब तक कई झोपड़ियों को मलबे में तब्दील कर दिया है। हमले की उग्रता को देखते हुए वहां रह रहे किसान अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग खड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के उजाले में तो हाथी की लोकेशन मिल जाती है, लेकिन रात होते ही खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों को डर है कि अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर सकता है।
वन विभाग की सुस्ती से बढ़ता आक्रोश
प्रभावित लोगों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी है, लेकिन अब तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई या रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची है। विभाग की इस सुस्ती से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। फिलहाल, नदी के बीच हाथी के उत्पात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें हाथी को झोपड़ियों को नुकसान पहुंचाते साफ देखा जा सकता है।
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