दिल्ली. राजधानी दिल्ली में आईटीओ के पास हाल ही में खुले स्काईवॉक की निगरानी अब बाउंसर्स करेंगे. पिछले सोमवार आईटीओ चौराहे पर पैदल यात्रियों के लिए स्काईवॉक का उद्घाटन किया गया. एक हफ्ते में ही ये स्काईवॉक दोस्तों की सेल्फी से लेकर कपल्स के हैंगआउट की पसंदीदा जगह बन गया है. इसलिए इन सबको रोकने के लिए छह बाउंसर्स नौकरी पर रखे गए हैं, जो स्काईवॉक पर इश्क फरमा रहे जोड़ों को वहां से हटाएंगे. खासतौर पर कपल्स के लिए रखे गए ये बाउंसर्स स्काईवॉक को कोई नुकसान न पहुंचे, इसकी भी निगरानी करेंगे.

आईटीओ चौराहे पर पिछले महीने 59 करोड़ रुपये की लागत से खुले स्काईवॉक को जोड़ों के हैंगआउट जोन बनने से रोकने के लिए छह बाउंसर्स को नौकरी पर रखा गया है. इन बाउंसर्स का पहला काम स्काईवॉक पर मौजूद कपल्स को हटाना है. बाउंसर्स ने बताया कि उन्हें नौकरी पर इसलिए रखा गया है क्योंकि आजकल गार्ड्स की कोई नहीं सुनता. एक बाउंसर ने बताया, ‘दिनभर मैं कपल्स को स्काईवॉक की सीढ़ियों पर बैठने से रोकता रहा.’

बाउंसर्स ने बताया कि वो किसी भी कपल को जब हाथ पकड़े या रेलिंग से लटकता हुआ देखते हैं, तो उन्हें जाकर हटने के लिए कहते हैं. उन्होंने बताया कि कपल्स बिना कोई सवाल किए हट जाते हैं. स्काईवॉक की निगरानी के लिए इन छह बाउंसरों को ब्रिज का निर्माण करने वाली कंपनी ने 15,500 रुपये की सैलरी पर रखा है.

दिल्ली के इस पहले स्काईवॉक के निर्माण में 59 करोड़ रुपये लगे हैं.आईटीओ रोड पर भारी ट्रैफिक के कारण पैदल चलने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, जिसके देखते गुए दिल्ली सरकार ने 2017 में इसकी मंजूरी दी थी.

क्या अपना रायपुर भी अपनाएगा दिल्ली का माडल

ऐसे में सवाल ये है कि दिल्ली में ये फार्मूला लागू होने के बाद क्या रायपुर भी प्रेमी जोड़ों की भीड़ से अपने स्काईवॉक को बचाने के लिए दिल्ली का माडल अपनाएगा. गौरतलब है कि शहर में भी पैदल चलने वालों की सुविधा और उनकी सुरक्षा के लिए शास्त्री चौक पर स्काय वॉक का निर्माण हो रहा है. स्काईवॉक 67 पिलर्स पर टिकेगा. पीडब्ल्यूडी ने 42.55 करोड़ में स्काईवॉक का टेंडर दिया है.