तेलंगाना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां लोन रिकवरी एजेंट की बदसलूकी से परेशान एक महिला ने सुसाइड कर लिया. महिला घर का कर्ज चुकाने में असमर्थ थी, जिस कारण रिकवरी एजेंट द्वारा बदसलूकी किए जाने पर शर्मिंदगी में महिला ने आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार, महिला के घर के दरवाजे पर लोन रिकवरी एजेंट ने बदसलूकी की थी. जिसके बाद अपमान को सहन न कर पाने के कारण वह गहरे अवसाद में डूब गई. इसके अलावा, कर्ज चुकाने में परिवार से कोई सहयोग न मिलने से भी वह दुखी थी. इसी कारण महिला ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली. मामला जोगुलम्बा गडवाल जिला मुख्यालय का है. इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों के बीच गहरा शोक फैल गया है.

क्या है पूरा मामला ?

गडवाल नगरपालिका के अंतर्गत दाउदरपल्ली कॉलोनी की निवासी दौलम्मा ने 2017 में अपनी बड़ी बेटी इंदु का विवाह रामंजनयुलु से किया था. वह अपने पति के साथ अपने नाना-नानी के घर में रहती हैं. रामंजनयुलु और इंदु के दो बेटे हैं. हालांकि, उन्होंने पिछले साल एक नया घर बनवाया. इसके लिए उन्होंने कई जगहों से कर्ज लिया था.

परिवार से नहीं मिल कोई सहयोग, पति भी बेरोजगार

उसने एक निजी वित्त कंपनी से घर खरीदने के लिए लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये का ऋण लिया. वह हर महीने 8,600 रुपये की किस्त चुका रही थी. इसके अलावा, उसने कुछ जान-पहचान वालों से भी पैसे उधार लेकर घर बनवाया. महिला का पति भी बेरोजगार था इस लिए दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते हुए, मासिक किस्त चुकाने की जिम्मेदारी उसी पर आ गई. उसके पति, नानी या दादा में से कोई भी उधार चुकाने के लिए आगे नहीं आया. चूंकि कोई भी काम नहीं कर रहा था, इसलिए मासिक किस्त चुकाना उसके लिए बोझ बन गया. वह एक-एक पैसा बचा रही थी और परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ कर्ज भी चुका रही थी.

इस क्रम में, निजी वित्त कंपनी को किस्त कई बार देने में देरी हुई. हालांकि, उस कंपनी के प्रतिनिधि अक्सर घर-घर आते रहते थे… और इससे इंदु परेशान हो गईं. वित्त कंपनी के एजेंट के उत्पीड़न के अलावा, परिवार के सदस्यों की उपेक्षा भी उन्हें सता रही थी. परेशान इंदू ने 16 मार्च की दोपहर आत्महत्या का प्रयास किया.

अस्पताल में तोड़ा दम

आस-पास के लोगों की मदद से, उनके पति रामानजनेयुलु इंदु को गडवाल सरकारी अस्पताल ले गए. वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए कुरनूल सरकारी अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान, मंगलवार, 17 मार्च की आधी रात के बाद इंदु का निधन हो गया. उनके दो बच्चे अनाथ हो गए. इंदु की मृत्यु से दाउदरपल्ली कॉलोनी में शोक की छाया छा गया.

पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच कर रही है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार, इंदु की मौत कर्ज न चुका पाने के कारण अवसाद से हुई है. पुलिस ने कहा कि लोन रिकवरी एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.