महिलाओं से संबंधित अपराध विषय पर कार्यशाला आयोजित, एसिड हमलों की जांच, साइबर पॉर्नोग्राफी व बाल यौन शोषण की दी जानकारी…

रायपुर. राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में महिलाओं से संबंधित अपराध विषय पर 10 फरवरी से आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुआ. इस कार्यशाला में प्रदेश के समस्त जिलों के 34 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया. अकादमी द्वारा समय-समय पर विभिन्न ज्वलंत मुद्दों, समसामयिक घटनाक्रम एवं बढ़ते अपराध के स्वरूप अनुसार कार्यशाला का आयोजन कर पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता रहा है. इसी कड़ी में बीपीआरएंडडी के सहयोग से महिलाओं से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

इस कार्यशाला में एडवोकेट कुमारी समीम रहमान ने लापता महिलाओं और बच्चों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट, एनएचआरसी, एमएचए द्वारा जारी दिशा निर्देशों एवं कस्टोडियल रेप पीड़ितों का पुनर्वास और मुआवजा के संबंध में अपना व्याख्यान दिया.

मुकुला शर्मा डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन द्वारा एसिड हमलों के मामलों की जांच, सबूतों एवं गवाहों से छेड़छाड़ के संबंध में जानकारी प्रदान किया, अपर्णा एक्का एफएसएल द्वारा यौन उत्पीड़न मामलों में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका तथा निरीक्षक नवी मोनिका पांडे ने एफआइआर की सामग्री, एफआईआर की ड्राफ्टिंग के संबंध में प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की.

सेवानिवृत्त न्यायाधीश पांडा कानून सचिव द्वारा कानूनी प्रावधान, नवीनतम संशोधन और न्यायिक घोषणाओं के संबंध में तथा डॉ. सेशा सक्सेना एफएसएल ने डीएनए साक्ष्य का परिचय और महत्व, यौन उत्पीड़न, साक्ष्य संग्रह किट का परिचय दिया.

डॉ. देवाजीत गुहा वरिष्ठ वैज्ञानिक एफ एस एल रायपुर द्वारा इनडोर रेप केस सिमुलेशन, वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग कर अपराध और सबूत को सुरक्षित करने के संबंध में तथा आउटडोर रेप केस सिमुलेशन, वैज्ञानिक सहायता और SEEK का उपयोग करके अपराध के दृश्य और सबूत संग्रह को सुरक्षित करना, हैंडलिंग लेबलिंग और जैविक तथा भौतिक साक्ष्य की पैकेजिंग के संबंध में जानकारी प्रदान की.

अधिवक्ता डॉ संजय तिवारी ने मामलों की जांच/अभियोजन में दोष, गैर अभियोजन के लिए सामान्य गलतियां, डॉ. संजीव शुक्ला डीआईजी ने बालिकाओं एवं मानव तस्करी के मामलों, वर्षा मिश्रा एआईजी ने पोक्सो अधिनियम और घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 से मानव की सुरक्षा तथा शरद खरे महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध की जांच, इन्वेस्टिंग ऑफिसर द्वारा उठाए जाने वाले कदम, सोशल नेटवर्किंग साइट पर ऑनलाइन अपराध और दुरुपयोग, साइबर पॉर्नोग्राफी एवं बाल यौन शोषण, वेबसाइट को अवरुद्ध करने और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए उठाए जाने वाले कदम पर विशेष व्याख्यान दिया.

समापन कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश पांडा अकादमी के पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  संगीता पीटर्स, सचिंद्र चौबे, उप पुलिस अधीक्षक रूपा खेस, पितांबर गिलहरे, एडीपीओ सोहन साहू, संतोष राय सहित अकादमिक स्टाफ उपस्थित रहे.

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