गोपालगंज। शहर के कुचायकोट प्रखंड के बल्थरी चेकपोस्ट के पास दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग विशेष ट्रक से पहुंचा, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने तिलक, आरती और फूल-अक्षत के साथ पूजा-अर्चना की। यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण के चकिया स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा और यहां से लगभग 48-50 घंटे में अपनी अगली यात्रा पूरी करेगा।
एक ही पत्थर से तराशा गया 33 फीट ऊंचा शिवलिंग
तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में इस 33 फीट ऊंचे और करीब 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग को एक ही ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है। शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने लगभग 10 वर्षों में इसका निर्माण पूरा किया। निर्माण कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आई है। 96-पहियों वाले हैवी ट्रक से इसे बिहार लाया जा रहा है। शिवलिंग को 22 नवंबर को विधिवत पूजा के बाद रवाना किया गया था।
भव्य विराट रामायण मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में
विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि शिवलिंग का स्थापना समारोह जनवरी-फरवरी 2026 में हो सकता है। मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, गणेश स्थल, नंदी स्थल, शिवलिंग मंच और गर्भगृह की पाइलिंग जैसी कई संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं। मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जिसमें 18 शिखर और 22 उप-मंदिर बनाए जा रहे हैं। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट निर्धारित है। परियोजना की शुरुआत 20 जून 2023 को हुई थी और कार्य को तय समय पर पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
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