USS Abraham Lincoln: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच टकराव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी शुरू कर दी है। ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन कैरियर को रवाना कर दिया गया है। यह बहुत जल्द ईरान पहुंच जाएगा। USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ साउथ चाइना सी से मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो गया है। ये फैसला ईरानी एयरस्पेस के बंद होने के ठीक एक घंटे बाद लिया गया है।
USS अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का एक न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ताकतवर वॉरशिप में से एक माना जाता है। यह युद्धपोत अकेले ही पूरे सेना के बराबर तबाही ला सकता है।
व्हाइट हाउस संवाददाता केली मेयर ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह ग्रुप अब साउथ चाइना सी से सेंट्रल कमांड (CENTCOM) क्षेत्र की ओर जा रहा है। जो मिडिल ईस्ट, उत्तर-पूर्वी अफ्रीका, सेंट्रल एशिया और साउथ एशिया के 21 देशों को कवर करता है। फिलहाल मिडिल ईस्ट में कोई अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मौजूद नहीं है। इससे पहले USS अब्राहम लिंकन साउथ चाइना सी में रूटीन ऑपरेशन कर रहा था। इसमें एक सुपरकैरियर, 3-6 डिस्ट्रॉयर्स, 1-2 पनडुब्बियां, 7000-8000 सैनिक और 65-70 विमान (F-35, F/A-18 आदि) शामिल हैं।
मिडिल ईस्ट में 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात
मिडिल ईस्ट (CENTCOM) में अभी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी काफी मजबूत है। मिडिल ईस्ट और पर्शियन गल्फ में लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। फिलहाल मिडिल ईस्ट में करीब 6 नौसैनिक जहाज मौजूद हैं, जिनमें 3 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और अन्य ऑपरेशन के लिए सक्षम हैं।
USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में क्या-क्या है?
यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 है, जिसका मुख्य जहाज USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) है. यह न्यूक्लियर पावर से चलता है, जिससे यह बिना ईंधन भरे लंबे समय तक समुद्र में रह सकता है। इस ग्रुप में-
- मुख्य एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन है, जिसका वजन 1 लाख टन से ज्यादा है। इस पर 5 हजार से 6 हजार क्रू मेंबर और सैनिक होते हैं।
- 3-4 आर्लिघ बर्क-क्लास के 3 से 4 गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स हैं, जैसे USS माइकल मर्फी, USS स्प्रूएंस और USS फ्रैंक ई पीटर्सन जूनियर में लगे होते हैं।
- वर्जीनिया या लॉस एंजेलिस क्लास की 1 से 2 न्यूक्लियर अटैक सबमरीन हैं।
- ईंधन और गोला-बारूद के लिए सपोर्टिंग शिप्स भी हैं।
- पूरे बेड़े में कुल 7 से 8 हजार सैनिक और मरीन्स हैं।
USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में कौन से विमान हैं?
कैरियर एयर विंग 9 (CVW-9) में 65-70 विमान हैं. ये ग्रुप दिन-रात 150 से ज्यादा सॉर्टी (उड़ानें) भर सकता है। इस ग्रुप में-
- F/A-18E/F Super Hornet: मल्टी-रोल फाइटर है, जो हमला और हवाई लड़ाई दोनों कर सकता है।
- F-35C Lightning II: VMFA-314 स्क्वाड्रन के स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं, जो बहुत तेज और छिपकर हमला करते है।
- E-2D Hawkeye: हवाई सर्विलांस और कमांड (AWACS) का काम करते हैं।
- EA-18G Growler: इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर है, जो दुश्मन के रडार जाम करता है।
- MH-60R/S Seahawk हेलीकॉप्टर: यह एंटी-सबमरीन लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो सर्च और रेस्क्यू के काम आता है।
इस ग्रुप की सबसे बड़ी ताकत और हथियार क्या हैं?
- इस ग्रुप में सैकड़ों टोमाहॉक मिसाइलें हैं, जो 1 हजार किमी. से ज्यादा दूर से दुश्मन के एयरबेस, नौसेना, ऑयल फैसिलिटी और न्यूक्लियर साइट्स पर हमला कर सकती हैं।
- एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलें और एयर-टू-एयर मिसाइलें हैं।
- सी स्पैरो, ESSM, RAM, Phalanx CIWS और SM-6 जैसा बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस भी हैं।
- ये ग्रुप हवाई बढ़त हासिल कर सकता है, दुश्मन की नौसेना नष्ट कर सकता है और होर्मुज स्ट्रेट जैसी जगहों पर कंट्रोल कर सकता है।
अमेरिकी युद्धपोत बेड़ा ईरान की ओर क्यों जा रहा है?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिका अपने हितों की सुरक्षा, इजरायल की मदद और ईरान को रोकने के लिए इस ग्रुप को मिडिल ईस्ट भेज रहा है। यह ग्रुप दक्षिण चीन सागर में रूटीन ऑपरेशन कर रहा था, लेकिन अब पूरा ग्रुप 1 हफ्ते में मध्य पूर्व पहुंच जाएगा। ये युद्ध रोकने या अगर जरूरत पड़ी तो बड़े हमले के लिए तैयार है।
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