सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की सहायता करने वाले युवा हुए सम्मानित, ‘गुड सेमेरिटन’ कानून की दी जानकारी

बिलासपुर. बिलासपुर यातायात पुलिस के तत्वावधान में जिला स्तर पर ऐसे लोग (नेक इंसान) जिन्होंने स्वेच्छा से सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति की त्वरित चिकित्सा में मदद करते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचाने के साथ पुलिस को सूचना दी. उनकी सूची बिलासपुर जिले के थाना कोतवाली, थाना सिविल लाइन, थाना तार बहार, थाना तोरवा, थाना सरकंडा ,थाना सिरगिट्टी ,थाना सीपत, थाना कोनी, थाना रतनपुर ,थाना कोटा, थाना चकरभाठा, थाना हिर्री,थाना बिल्हा, थाना मस्तूरी ,थाना पचपेड़ी, थाना सकरी से ली जा कर उन्हें बतौर “गुड़ सेमेरिटन” का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात ) रोहित कुमार बघेल ने बताया कि सोमवार को स्थानीय प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग सभागार में बिलासपुर द्वारा जिला स्तर पर “गुड़ सेमेरिटन” का सम्मान समारोह का आयोजन पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल एवं सड़क सुरक्षा सप्ताह के आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य के आतिथ्य में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) ओपी शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण ) संजय ध्रुव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुंगेली) कमलेश्वर चंदेल नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) विश्व दीप त्रिपाठी तथा आरएन यादव नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) की उपस्थिति में संपन्न हुआ.

कार्यक्रम दौरान गुड सेमेरिटन कानून पर प्रकाश डालते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव ने बताया कि गुड़ सेमेरिटन कानून को भारत सरकार द्वारा 12 मई 2015 को अधिसूचना जारी कर लागू किया गया है. इसका उद्देश्य वह व्यक्ति जिसने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराए जाने के आशय से तत्काल घायल को अस्पताल पहुंचाने में किसी भी स्तर पर मदद किया हो उसे कानूनी अड़चनों से बचाव हेतु संरक्षण प्रदान किया जाना है.

ओपी शर्मा ने कहा  कि गुड़ सेमेरिटन का कार्य मानवीय दृष्टिकोण से अनुकरणीय एवं अनुसारणी है ऐसे मददगारो को पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार से कानूनी प्रक्रिया से पृथक रखा जाएगा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने नवीन संशोधित केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 9 अगस्त 1920 की मूलभूत जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस नवीन संशोधित केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 9 अगस्त 2019 की मूलभूत जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन में जनहित को ध्यान में रखते हुए इस नवीन संशोधित अधिनियम को अपनाया है ऐसे प्रकरण जिसमें पुलिस द्वारा प्रशमन चालान की कार्यवाही की जाती है उसमें पूर्व की भांति ही अर्थ दंड होगा किंतु ऐसे गंभीर प्रवृत्ति वाले यातायात नियम का उल्लंघन जिन से दुर्घटनाओं की संभावना होती है तथा ऐसे माननीय न्यायालय स्तर पर निराकृत किए जाते हैं जैसे नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर नवीन अर्थदंड के अनुसार प्रशमन की कार्यवाही अपनाई जा रही है विकसित देशों में मोटर व्हीकल एक्ट की जुर्माना राशि हमारे देश से कई गुना अधिक है फिर भी लोग इन नियमों के प्रति सजग होकर स्वयं इनका पालन करते हैं. ट्रैफिक नियमों के पालन करने से अपनी और दूसरों की जान सुरक्षित रहती है.

कार्यक्रम दौरान सड़क दुर्घटना में घायल हुए घायल हुए गोवर्धन आर्मो निवासी रतनपुर ने अपना अनुभव बताया कि विगत 1 वर्ष रतनपुर मुख्य मार्ग पर उनकी सड़क दुर्घटना होने से पैर में गंभीर चोट आई और वे मौके पर बेहोश पड़े थे तभी कुछ लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया जिससे उनकी जान बच सकी ऐसे सभी “गुड़ सेमेरिटन” को उन्हें हृदय से साधुवाद दिया. साथ ही जिले से आए हुए गुड सेमी रिटर्न में से दीपक पांडे सीपत ,वीरेंद्र सिंह तखतपुर, कोमल ठाकुर तखतपुर महेंद्र सूर्यवंशी बिल्हा ने अपने विचार मंच पर रखते हुए इस कार्य को मानवता की सच्ची सेवा बताया और कहा कि हम सदैव घायलों की सहायता में तत्पर रहेंगे.

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