रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताकर निशाना साधा है. पार्टी ने कहा कि अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए प्रदेश सरकार ने किसानों के साथ शर्मनाक आचरण किया है. कृषि मंत्री कहते हैं केन्द्र सरकार किसानों के आंकड़े डाउनलोड कर लेती यह बहुत ही अहंकार भरी बात है जो लोकतंत्र के लिए घातक है. वहीं अधिकारी कह रहे हैं कि नया साफ्टवेयर है और डाटा एंट्री का काम चल रहा है. दोनों अलग बयान है.

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लॉन्च की गई किसान सम्मान निधि की राशि प्रदेश सरकार के घृणित राजनीतिक चरित्र के चलते छत्तीसगढ़ के किसानों को केन्द्र से नहीं मिल पाई है. चूंकि सियासी-अदावत के चलते केन्द्र की योजना का लाभ प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को नहीं होने देना चाहती, इसीलिए केन्द्र सरकार के बार-बार कहने के बावजूद प्रदेश सरकार ने इस योजना के लाभार्थी किसानों की सूची ही केंद्र को नहीं भेजी है. राजनीतिक विरोध के अपने इस शर्मनाक प्रदर्शन के बावजूद प्रदेश सरकार यह कह रही है कि हमने दो माह में प्रदेश के किसानों को लाभ पहुंचाया है. कौशिक ने सवाल किया कि प्रदेश सरकार केन्द्र की योजना का लाभ प्रदेश के किसानों को मिलने से कैसे रोक सकती है? राज्य सरकार ऐसा करके एक निहायत गैर लोकतांत्रिक और किसान विरोधी आचरण की दोषी है. वह अपने राजनीतिक स्वार्थ और प्रतिशोध में इस कदर दहक रही है कि उसे गरीब किसानों के हितों पर कुठाराघात करने में भी संकोच नहीं हो रहा है.

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सत्ता सम्हालते ही संकीर्ण राजनीतिक मानसिकता और बदले की राजनीति का परिचय दे रही है.  इससे पहले प्रदेश सरकार केन्द्र की आयुष्मान योजना बंद करके गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित कर चुकी है. केन्द्र सरकार से राजनीतिक प्रतिशोध के वशीभूत प्रदेश सरकार ने सीबीआई को भी रोक दिया. धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी बदला लेने की नीति के कारण केन्द्र की किसान-हितैषी योजना से शर्मनाक खिलवाड़ कर रही है, यह अक्षम्य माना जाएगा और हम इसे लेकर जनता के बीच जाएंगे. प्रदेश के किसान लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका माकूल जवाब देंगे.