रायपुर। सोमवार को सुकमा जिले में पुलिस ने 15 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया था. अब एक बार फिर से पुलिस पर आदिवासियों को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप लग रहा है. आम आदमी पार्टी ने पुलिस के ऊपर ये आरोप लगाया है. आरोप है कि पुलिस ने नक्सली बताकर निर्दोष ग्रामीणों की हत्या की है. अब इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रेसवार्ता लेकर जांच समिति गठन करने का ऐलान किया है. आम आदमी पार्टी ने सोनी सोरी के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. समिति तीन दिन में जांच समाप्त कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

मिली जानकारी के मुताबिक इसी मामले को लेकर मंगलवार को किस्टाराम में आदिवासी महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था. महिलाओं का कहना था कि जिन्हें पुलिस ने नक्सली बताकर मार गिराया है दरअसल वो नक्सली नहीं बल्कि ग्रामीण थे. घटना के दौरान वे अपने खेतों में काम कर रहे थे. उनकी हत्या कर पुलिस उन्हें नक्सली बता रही है. विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने बताया था कि जिन 15 लोगों को पुलिस ने मार गिराया है उनमें 7 नाबालिग थे जिनकी उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच की थी

उधर सोनी सोरी ने पुलिस द्वारा बताई जा रही कथित नक्सली मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस तरह ग्रामीणों को नक्सली बताकर फर्जी मुठभेड़ पर रोक लगाई जाए.

ये हैं वे नाबालिग बच्चे जिनका एनकाउंटर हुआ

  1. हिड़मा मुचाकि
  2. लखमा
  3. देवा
  4. मुका मुचाकि
  5. मड़कम टिंकू
  6. सोढ़ी प्रभू
  7. मड़कम आयत