कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के प्रमुख चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस रोहतक ने किडनी प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान ने फरवरी 2023 से अप्रैल 2026 के बीच किए गए सभी किडनी ट्रांसप्लांट में 100 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की है, जो सरकारी स्वास्थ्य eसेवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
तीन वर्षों में 34 सफल प्रत्यारोपण
नेफ्रोलॉजी विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों में कुल 34 किडनी ट्रांसप्लांट किए गए और सुखद बात यह है कि सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं। आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2024 में 10 ट्रांसप्लांट किए गए।
- वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 17 हो गई।
- वर्ष 2026 में अब तक 4 सफल ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
मुफ्त डायलिसिस से मरीजों को संबल
हरियाणा सरकार की योजना के तहत प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान राज्यभर में लगभग 1.89 लाख मुफ्त डायलिसिस सत्र आयोजित किए गए। इसमें से अकेले पीजीआईएमएस रोहतक में 20,466 डायलिसिस सत्र पूरे किए गए हैं।
निजी अस्पतालों के मुकाबले बड़ी राहत
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट पर 5 से 7 लाख रुपये तक का खर्च आता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर पीजीआईएमएस रोहतक में हरियाणा के निवासियों के लिए यह जटिल सर्जरी और सभी जरूरी जांचें बिल्कुल मुफ्त की जा रही हैं।
सुविधाओं और विशेषज्ञों का विस्तार
सरकार ने वेटिंग लिस्ट को कम करने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। इसके तहत दो अनुभवी ट्रांसप्लांट सर्जनों की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में संस्थान में 125 मरीज ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची में हैं और हर साल लगभग 400 से 500 नए मरीज पंजीकरण करा रहे हैं। प्रशासन अत्याधुनिक सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

