Russia Denies Providing Intelligence Support to Iran: अमेरिका और ईरान युद्ध (US and Iran war) के दौरान ईरान को इंटेलिजेंस सपोर्ट देने के अमेरिकी अखबार के खुलासे को रूस ने सिरे से नकार दिया है। रूस ने कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है। अमेरिका और ईरान युद्ध के दौरान मास्को ने कोई भी इंटेलिजेंस सपोर्ट तेहरान को नहीं दिया था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे भरोसेमंद सलाहकार और क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने अमेरिका पर यूरेनियम प्रस्ताव ठुकराने और डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की मंशा नहीं थी।
रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह हमारी जंग नहीं है और रूस किसी तरह का सैन्य या इंटेलिजेंस सपोर्ट ईरान को नहीं दे रहा है। पेस्कोव ने अमेरिका की घेराबंदी की आलोचना करते हुए कहा कि क्यूबा में दवाओं की कमी से बच्चों का मरना अस्वीकार्य है। उन्होंने क्यूबा को रूस का ‘प्रिय मित्र’ बताया।
पेस्कोव ने दो टूक कहा कि ईरान ने यह जंग शुरू नहीं की, बल्कि उस पर हमला किया गया। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि मौजूदा हालात वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक हैं। रूस और चीन शुरू से ही चेतावनी देते रहे हैं कि ईरान मुद्दे का सैन्य समाधान गंभीर परिणाम लाएगा। हम लगातार कह रहे थे कि जंग से क्षेत्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अस्थिरता बढ़ेगी और आज वही हो रहा है। उन्होंने मौजूदा हालात को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि भले ही फिलहाल जमीन पर बमबारी रुकी हुई है, लेकिन इसके आर्थिक और रणनीतिक असर लगातार सामने आ रहे हैं। पेस्कोव ने साफ किया कि रूस का जोर अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीति पर है। रूस सभी पक्षों- ईरान, अमेरिका, इज़रायल और खाड़ी देशों के साथ ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।
यूरेनियम प्रस्ताव पर अमेरिका को घेरा
पेस्कोव ने खुलासा किया कि व्लादिमीर पुतिन ने पहले ईरान के संवर्धित यूरेनियम को रूस में रखने का प्रस्ताव दिया था, जिससे परमाणु खतरा कम किया जा सके। ईरान इस प्रस्ताव के लिए तैयार था, लेकिन अमेरिका ने इसे ठुकरा दिया। अब यह प्रस्ताव बातचीत की मेज पर नहीं है, हालांकि जरूरत पड़ने पर रूस इसे फिर से उठा सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार बनाने की मंशा नहीं जताई। उन्होंने कहा कि IAEA ने भी कभी यह नहीं कहा कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है। उनके मुताबिक, ‘न्यूक्लियर हथियार का मुद्दा सिर्फ हमले का बहाना बनाया गया।
भारत रूस का अहम साझेदार
पेस्कोव ने कहा कि मौजूदा संकट के बीच भी रूस अपने सहयोगी देशों के लिए ऊर्जा का विश्वसनीय स्रोत बना हुआ है। उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत रूस का अहम साझेदार है और भविष्य में ऊर्जा सहयोग और बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘भारत हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण भागीदार है। हमारी कंपनियों का भारत के साथ केवल तेल की शिपमेंट तक सीमित रिश्ता नहीं है, बल्कि यह बहुत ही परिष्कृत और तकनीकी सहयोग है। हम इस पैमाने को और बड़ा करने के लिए तैयार हैं।
भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे राष्ट्रपति पुतिन
पेस्कोव ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति पुतिन भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पुतिन भारत आएंगे या फिर वर्चुअली बैठक में हिस्सा लेंगे।
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