कुमार इंदर, जबलपुर। जिले की शाहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितता और भारी धांधली का बड़ा मामला उजागर हुआ है। बिना काम कराए ही कागज़ों पर सवा करोड़ रुपये (₹1.25 करोड़) की राशि आहरित (निकाल) ली गई। इस गंभीर फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरपंच को पद से पृथक कर दिया है, वहीं पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज

पूरे मामले का खुलासा एसडीएम (SDM) की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल की रिपोर्ट के बाद हुआ। जांच समिति ने पाया कि पंचायत में विकास और निर्माण कार्यों के नाम पर स्वीकृत की गई राशि का काम शुरू होने से पहले ही आहरण कर लिया गया था और भारी वित्तीय अनियमितता बरती गई थी।पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी सरपंच को पद से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है। मामले में संलिप्त ग्राम पंचायत सचिव को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

“वित्तीय गड़बड़ी पर हुई सख्त कार्रवाई”

मामले की जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ (CEO) अभिषेक गहलोत ने बताया कि शाहपुरा जनपद पंचायत के अंतर्गत निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता और बिना काम कराए राशि निकालने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। एसडीएम स्तर की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार सरपंच के खिलाफ धारा 40 की कार्रवाई की गई है और सचिव को निलंबित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

जिला पंचायत सीईओ (CEO)- अभिषेक गहलोत

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