शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली में कसावट लाते हुए लंबित शिकायतों के त्वरित निपटारे के कड़े निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक सुधार के मद्देनजर उच्च शिक्षा आयुक्त के अनुमोदन से 8 अक्टूबर को यह नया आदेश जारी किया गया है। वर्तमान में राज्यभर में कुल 156 शिकायतें लंबित हैं, जिनका निराकरण अब आगामी 7 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।

किस स्तर पर कितनी शिकायतें पेंडिंग?

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर शिकायतों का पेंडिंग स्टेटस इस प्रकार है।

लेवल-1: 85 शिकायतें
लेवल-2: 15 शिकायतें
लेवल-3: 36 शिकायतें
लेवल-4: 20 शिकायतें

विश्वविद्यालयों और संभाग स्तर की स्थिति
लंबित शिकायतों का यह आंकड़ा विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय संभागों के बीच बंटा हुआ है:विश्वविद्यालय स्तर पर: कुल 80 शिकायतें लंबित हैं। इनमें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल सबसे ऊपर है, जहां अकेले 24 शिकायतें लंबित चल रही हैं।
संभाग स्तर पर: क्षेत्रीय कार्यालयों में कुल 76 शिकायतें लंबित हैं, जिसमें जबलपुर संभाग 27 शिकायतों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित कुलसचिवों और क्षेत्रीय अधिकारियों को चेतावनी दी है कि तय समय-सीमा के भीतर शिकायतों का संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

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