न्यामु्ुद्दीन अली, अनूपपुर। शिक्षा और बच्चों का भविष्य सुधारने के वादे भले कितने ही हो, लेकिन जमीनी सच सबको पता है। सरकारी स्कूलों का हाल भी किसी से छिपा नहीं है। पढ़ाई तो यहां की जगजाहिर है ही लेकिन स्कूल भवनों का हाल भी बेहाल है। ऐसा ही जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बम्हनी का भवन जर्जर हो गया है। स्कूल की छत का प्लास्टर गिर रहा है। छत से जगह जगह पानी टपकता है। इन अव्यवस्थाओं के बीच जान जोखिम में डालकर बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर अनूपपुर जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम बम्हनी में 1962 से संचालित स्कूल भवन जर्जर हो गया है। स्कूल के छत का मलबा गिरने लगा है। इस बारिश में छत भी टपकने लगी है। छात्रों का पढाई में मन नहीं लगता। उन्हें इस बात का डर हर पल सताता रहता है कि कही भवन ही उनके ऊपर न गिर जाए।

स्कूल भवन का हालत बद से बदतर है, जिससे अब छात्र प्रदेश के मुखिया मामा शिवराज सिंह चौहान से स्कूल भवन की मांग कर रहे है। हैरत की बात यह है कि 3 करोड़ की लागत से नए स्कूल भवन निर्माण की स्वीकृत मिल गई है। जिले के रहने वाले खाद्य मंत्री बिसाहू लाल सिंह स्कूल भवन निर्माण का भूमि पूजन भी कर चुके है। इसके बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। नतीजन छात्र जर्जर स्कूल भवन में मजबूरी में पढ़ाई कर रहे हैं।

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