करनाल। मंगलौरा गांव में मौजूदा सरपंच और खनन कारोबारी मंजीत कुमार को कथित तौर पर लॉरेंस गैंग के नाम से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के बाद गोलीबारी की घटना सामने आई है। सरपंच के अनुसार, पहले विदेशी नंबर से फोन कर रकम की मांग की गई और जवाब नहीं देने पर चंडीगढ़ में रह रहे उनके बेटे को लेकर गंभीर धमकी दी गई। इसके करीब 12 दिन बाद गांव के बस अड्डे के पास लगे सरपंच के स्वागत बोर्ड पर गोलियां चला दी गईं।

मंजीत कुमार के मुताबिक, 20 सितंबर को उनके मोबाइल पर विदेशी नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने पंजाबी भाषा में बातचीत करते हुए खुद को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का डीके बताया और 5 करोड़ रुपये की मांग की। कॉलर ने कथित तौर पर कहा कि अगर उसकी बात का जवाब नहीं दिया गया तो इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान सरपंच के चंडीगढ़ में रहने वाले बेटे का जिक्र करते हुए भी धमकी दी गई।

सरपंच का आरोप है कि फोन करने वाले ने उन्हें उनके आने-जाने की जानकारी होने की बात भी कही थी। कॉल के दौरान उसे यह कहते हुए धमकाया गया कि यदि फोन या मैसेज का जवाब नहीं मिला तो उनका बेटा अगले दिन घर वापस नहीं आएगा। मंजीत ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए भी कॉल करने वाले को कोई जवाब नहीं दिया।

इसके बाद गुरुवार देर रात मंगलौरा गांव में उनके स्वागत बोर्ड को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो युवक नजर आ रहे हैं। गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

मंजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में गांव के दो युवकों पर रेकी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल फायरिंग करने वालों की पहचान और धमकी भरी कॉल के पीछे मौजूद लोगों का पता लगाने में जुटी है।

सरपंच ने यह भी बताया कि उन्हें इससे पहले 12 अगस्त को धमकी मिली थी। अब फिरौती की मांग और उसके बाद स्वागत बोर्ड पर फायरिंग होने से मामले को लेकर पुलिस की जांच और सुरक्षा दोनों बढ़ा दी गई हैं। सरपंच की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।