Dharm Desk : दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। घरों की सफाई, बाजारों में खरीदारी और पूजा की तैयारियों के बीच सबसे ज्यादा उत्सुकता त्योहारों की तारीखों और शुभ मुहूर्त को लेकर रहती है। इस बार धनतेरस से भाई दूज तक त्योहारों का सिलसिला 6 से 11 नवंबर तक चलेगा।
खास बात यह है कि 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और दीपावली एक ही दिन हैं। दीपावली पर घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ गुजरात के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में चोपड़ा पूजन का विशेष महत्व रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किस दिन कौन-सा पर्व है और पूजा के लिए कौन-सा समय खास है।
धनतेरस पर खरीदारी और धन्वंतरि पूजा
6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा होगी। सोना-चांदी, बर्तन और उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक रहती है। व्यापारी प्रतिष्ठानों में पूजा की तैयारियां करेगे।
पूजा मुहूर्त: शाम 6:30 से रात 8:28 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 5:59 से रात 8:33 बजे तक।
छोटी दिवाली और लक्ष्मी पूजन एक ही दिन
8 नवंबर, रविवार को नरक चतुर्दशी और दीपावली का पर्व है। नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान और दीपदान की परंपरा है। इसी दिन शाम को घरों और दुकानों में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा होगी।
लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 6:22 से रात 8:20 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 5:58 से रात 8:32 बजे तक।

व्यापारियों के लिए चोपड़ा पूजन खास
दीपावली पर चोपड़ा पूजन की विशेष महत्व है। व्यापारी नए बहीखातों और लेखा पुस्तकों का पूजन करके कारोबार में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। घरों में दीप सजाए जाते हैं और लक्ष्मी-गणेश की आरती होती है।
गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट उत्सव
पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 9 नवंबर को दोपहर 12.32 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 10 नवंबर को दोपहर 2.01 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए 10 नवंबर दिन मंगलवार को ही गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। वहीं कुछ जगह सोमवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गौमाता की पूजा की जाती है। मंदिरों में अन्नकूट सजाकर भगवान को 56 व्यंजनों का भोग लगाया जाता है।
भाई दूज से दीपोत्सव का समापन
11 नवंबर, बुधवार को भाई दूज मनाई जाती है। बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है । भाई बहनों को उपहार देते हैं। इसी के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन होता है।

