कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस की खामियों के कारण हत्या के आरोपियों को जमानत मिल गई है। मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन के रवैए खासकर टीआई (TI) और जांच प्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की है। मामले में नूराबाद टीआई (TI) ओपी रावत की मुश्किलें बढ़ने वाली है। हाईकोर्ट ने की टिप्पणी- “TI (टीआई) रावत ने हत्या के मामले की जांच ईमानदारी से नहीं की। अब डीजीपी TI की जांच कर उचित कार्रवाई करें”।

25 जनवरी महाकाल आरती: एकादशी पर भगवान महाकाल के मस्तक में वैष्णव तिलक लगाकर विष्णु स्वरूप में दिव्य श्रृंगार

दरअसल मनोज हत्याकांड के तीन आरोपियों को जमानत मिली है। मनोज उचरिया की हत्या की जांच में लापरवाही सामने आई है। मुरैना जिले के नूराबाद थाना क्षेत्र का मामला है। 23 जुलाई 2024 को मनोज की गुमशुदगी दर्ज़ हुई थी और दो अगस्त को उसकी लाश मिली थी। 5 अगस्त को FIR दर्ज हुई थी और 8 अगस्त 2024 को आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। TI रावत ने CCTV फुटेज का पंचनामा नहीं बनाया था। केस डायरी में CCTV फुटेज की कॉपी भी नहीं रखी गई। लचर जांच के चलते कोर्ट ने आरोपियों को जमानत दे दी है।

MP Morning News: ग्वालियर में संविधान गौरव अभियान के महासंगोष्ठी कार्यक्रम में शामिल होंगे CM डॉ मोहन

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m