Lifestyle Desk – मानसून में बालों और स्कैल्प की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने, पसीना आने और धूल-मिट्टी के संपर्क में रहने से स्कैल्प पर गंदगी और तेल जमा हो सकता है। अगर बालों को लंबे समय तक गीला रखा जाए या स्कैल्प की ठीक तरह से सफाई न हो, तो खुजली, सफेद परतें और रूसी जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नियमित हेयर वॉश के साथ कुछ लोग घरेलू हेयर पैक का भी इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में दही, नींबू, मेहंदी और तेल से तैयार हेयर पैक शामिल है।आइए जानते हैं इसे बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका।

कैसे तैयार करें हेयर पैक?
इस पैक के लिए 2 से 3 चम्मच सादा दही लें। इसमें जरूरत के अनुसार थोड़ा नींबू का रस, 1 से 2 चम्मच मेहंदी पाउडर और कुछ बूंदें हल्के तेल की मिलाई जा सकती हैं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक चिकना पेस्ट तैयार करें।इसे बालों की लंबाई के साथ-साथ स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। बहुत ज्यादा रगड़ने से बचें, क्योंकि खुजली या संवेदनशील स्कैल्प पर इससे जलन बढ़ सकती है। पैक को कुछ देर रखने के बाद सामान्य पानी से अच्छी तरह धो लें और जरूरत के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल करें।
दही और नींबू क्यों किए जाते हैं इस्तेमाल?
दही में मौजूद लैक्टिक एसिड और अन्य पोषक तत्व त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल किए जाते हैं। वहीं, नींबू में साइट्रिक एसिड होता है। हालांकि नींबू सीधे स्कैल्प पर लगाने से कुछ लोगों को जलन, रूखापन या संवेदनशीलता हो सकती है। इसलिए इसे अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए।
मेहंदी का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर बालों की कंडीशनिंग और बालों को रंग देने के लिए किया जाता रहा है। तेल बालों और स्कैल्प के रूखेपन को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा तेल लगाकर लंबे समय तक छोड़ना हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता।
इन बातों का रखें ध्यान
मानसून में बालों को लंबे समय तक गीला न रखें और पसीना आने के बाद स्कैल्प की सफाई पर ध्यान दें। तौलिया, कंघी और तकिया किसी के साथ साझा न करना भी अच्छी स्वच्छता का हिस्सा है। किसी भी घरेलू पैक को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है।
अगर स्कैल्प पर लगातार खुजली, लालिमा, घाव, मोटी परतें या अत्यधिक बाल झड़ना जैसी समस्या हो, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बार-बार होने वाली रूसी के पीछे सिर्फ मौसम ही कारण नहीं होता; ऐसी स्थिति में सही कारण की पहचान और उचित उपचार जरूरी हो सकता है।


