भुवनेश्वर : राज्य सरकार को राजधानी में उत्कर्ष ओडिशा : मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव-2025 के दौरान वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में 7,762 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं।

हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प विभाग ने आज बताया कि ओडिशा में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 88,000 रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता रखने वाली 36 इकाइयों से निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

राज्य सरकार ने शिखर सम्मेलन के दौरान श्री मां टेक्सटाइल्स, मां बनदुर्गा टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रतिमा एग्रो स्पिनिंग मिल्स, तिलोत्तमा प्रोपराइटर्स, अरुंधति बधाकला, अनुभव निटवियर और सेड्रा फिल्ट्रेशन सहित इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

निवेशकों के शिखर सम्मेलन में विभाग ने ‘ओडिशा: वस्त्र, परिधान और हथकरघा के लिए उभरता हुआ गंतव्य’ और ‘रेशम उत्पादन और तकनीकी वस्त्र-ओडिशा का रेशम और क्षेत्रीय उपयोगिताओं के साथ संबंध’ नामक दो सत्रों की मेजबानी की।

इस अवसर पर हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प विभाग तथा वस्त्र समिति और सिडबी के बीच दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

इन दो सत्रों में कपड़ा और परिधान निर्माण के केंद्र के रूप में ओडिशा की क्षमता पर प्रकाश डाला गया, हथकरघा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया और टिकाऊ रेशम उत्पादन के लिए नवीन दृष्टिकोणों की खोज की गई।

हथकरघा, वस्त्र और हस्तशिल्प मंत्री प्रदीप बल सामंत, राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया और स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंद सहित अन्य ने दो सत्रों में बात की।

इस अवसर पर संशोधित ओडिशा परिधान और तकनीकी वस्त्र नीति (ओएटीटीपी) 2022 और ओएटीटीपी-2022 के परिचालन दिशा-निर्देशों का अनावरण किया गया।