Railway Job Scam: रेलवे में फर्जी नौकरी घोटाले पर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पश्चिम मध्य रेलवे मंडल के तीन कर्मचारियों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।

डमी उम्मीदवारों के जरिए मिली थी नौकरी
पश्चिम मध्य रेलवे मंडल में रेलवे भर्ती परीक्षा की लिखित और फिटनेस परीक्षा में डमी उम्मीदवारों को बैठाने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई। रेलवे की विजिलेंस टीम ने जांच के बाद मंडल को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
CBI के निशाने पर सात आरोपी
विजिलेंस टीम और रेलवे जांच कमेटी की पड़ताल के बाद CBI ने अब इस घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई तेज कर दी है। जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें
- राजेंद्र मीणा (मालगाड़ी प्रबंधक)
- सपना मीणा (खलासी हेल्पर)
- चेतराम मीणा (तकनीकी पद)
- लक्ष्मी मीणा
- दो अज्ञात आरोपी
पति की शिकायत के बाद खुला मामला
इस फर्जी भर्ती घोटाले का खुलासा तब हुआ जब सपना मीणा के पति ने शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने 15 लाख रुपये देकर लिखित परीक्षा और फिटनेस टेस्ट में डमी उम्मीदवारों को बैठाकर रेलवे में नौकरी हासिल की। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस घोटाले में अन्य रेलवे अधिकारी भी शामिल हैं।
इस मामले की शिकायत पहले कोटा रेल मंडल के स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद रेलवे प्रशासन ने दो कर्मचारियों को निलंबित किया और मामला विजिलेंस टीम को सौंप दिया।
CBI की जांच तेज
रेलवे में फर्जी भर्ती घोटाले की गंभीरता को देखते हुए अब सीबीआई ने इस मामले की कमान अपने हाथ में ले ली है। वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक सौरभ जैन के मुताबिक, CBI ने तीन रेलवे अधिकारियों समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
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