
Maha Shivratri 2025: महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज, 26 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया जा रहा है. यह दिव्य रात्रि भगवान शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है, जब भक्त रात्रि जागरण, मंत्र जाप, रुद्राभिषेक और व्रत के माध्यम से शिव की आराधना करते हैं. मंदिरों में घंटियों की गूंज, “हर हर महादेव” के जयकारे और शिवभक्तों की आस्था का महासंगम अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है.
ऐसे में देश में कुछ मंदिर ऐसे हैं, जो केवल महाशिवरात्रि के दिन ही खुलते हैं और भक्त सालभर इन मंदिरों के द्वार खुलने का इंतजार करते हैं.
Also Read This: Mahashivratri 2025:महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की निकली भव्य बारात, भूत पिशाच, अघोरी हुए शामिल, देखें Video…

गुप्त महादेव मंदिर, भोपाल (Maha Shivratri 2025)
भोपाल के शास्त्री नगर स्थित साईं मंदिर परिसर में गुप्त महादेव मंदिर महाशिवरात्रि की रात 12 बजे से अगले दिन तक खुलता है. यह परंपरा पिछले 17 वर्षों से चली आ रही है, जहां भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते हैं.
सोमेश्वर महादेव मंदिर, रायसेन (मध्य प्रदेश)
रायसेन किले में स्थित यह प्राचीन मंदिर केवल महाशिवरात्रि के दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुलता है. इस दिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए यहाँ एकत्र होते हैं. मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था और यह अपनी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है.
Also Read This: Maha Shivratri 2025: पांचवें साल भी नहीं खुले मंदिर के द्वार, जानिए कहां…
राजराजेश्वर मंदिर, सिटी पैलेस, जयपुर (Maha Shivratri 2025)
सिटी पैलेस परिसर में स्थित यह मंदिर महाशिवरात्रि और गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) के अवसर पर ही आम भक्तों के लिए खोला जाता है. मंदिर में भगवान शिव राजसी स्वरूप में प्रतिष्ठित हैं, जहाँ सोने का सिंहासन और मुकुट उनकी शोभा बढ़ाते हैं.
लोकनाथ मंदिर, ओडिशा (Maha Shivratri 2025)
यह एक अनोखा मंदिर है, जो सालभर जलमग्न रहता है और केवल महाशिवरात्रि के दिन ही दर्शन के लिए खोला जाता है. इस दिन, भक्तों को भगवान लोकनाथ (शिव) के दर्शन का सौभाग्य मिलता है.
यह मंदिर 11वीं शताब्दी का माना जाता है और भगवान जगन्नाथ मंदिर से भी जुड़ा हुआ है. लोकनाथ महादेव को पुरी के रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है.
Also Read This: Mahashivratri 2025 : 40000 टन के पत्थर को काटकर बना ये अद्भुत शिव मंदिर, जानें मंदिर का इतिहास और यहां के रोचक तथ्य …
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें