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देवेंद्र चौहान, भोजपुर (रायसेन)। महाशिवरात्रि पर रायसेन जिले के भोजपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध शिव मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय “महादेव” भोजपुर महोत्सव प्रारंभ हुआ। उप मुख़्यमंत्री जगदीश देवड़ा, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा, सांची विधायक विधायक प्रभुराम चौधरी ने महोत्सव का शुभारंभ किया।
शिव के प्रति प्रेम और समर्पण को दिखाया
शाम की पहली सभा में खरगोन के शिव भाई गुप्ता का लोकगायन हुआ। उनकी सुमधुर वाणी ने निकले भक्ति गीतों ने श्रोताओं के अंतर्मन को भक्ति रस से भिगो दिया। बसंत की ढलती शाम के बीच उन्होंने महादेव की नगरी में जैसे ही भोले बाबा, म्हारा भोले बाबा, जटा म गंगा की धारा… गीत पेश किया, श्रोता उनकी स्वर लहरियों के बीच अलौलिक भक्ति में लीन हो गए। भगवान और भक्तों के बीच सुरों का सेतू बनाते हुए शिव भाई ने भोजपुर के लिए विशेष गीत जको गला म काला-काला नाग, देखो भाई भोजपुरम्… पेश किया। आदि-अनादि शिव का आह्वान करते हुए भोलेबाबा की आई रे बारात प्यारी लाग शिवरात्रि… गीत सुनाते हुए उन्होंने शिव के प्रति अपने कंठ माधुर्य से प्रेम और समर्पण को दिखाया।
लोकनृत्य के माध्यम से जनपदीय संस्कृति के उल्लास को बिखेरा
अभिलाष चौबे और साथी कलाकारों ने लोकनृत्य के माध्यम से जनपदीय संस्कृति के उल्लास को मंच पर बिखेरा। बधाई लोक नृत्य बुंदेलखंड अंचल का लोकप्रिय नृत्य है। इसे स्त्री एवं पुरुष दोनों ही मिलकर करते हैं। विवाह, तीज, त्यौहार, शिशु जन्म जैसे मांगलिक कार्य और धार्मिक अनुष्ठान के समय इस नृत्य को बुंदेलखंड में किए जाने की परंपरा रही है। महोत्सव में आए इन योगियों ने जन्म लियो रघुरैया अवध में बाजे बधाइयां…, कोना घड़ी में राम रघुरैया कोना में किशन कन्हैया अवध में बाजे बधाइया…, नैना बंद लागे कहियो चोली बंद लागे कहियो, पीपर को पत्ता डुलत नैया… और लाल रंग डारो गुलाबी रंग डारो और रंग डारो केसरिया जे बंसी वारे सांवरिया नैना बंद… जैसे गीतों पर प्रस्तुति दी। गायन में आदित्य प्रजापति, ढोलक पर लीलाधर बेन, टिमकी पर अक्षय तिवारी, रामतुला पर आदर्श मिश्रा ने संगत दी।
ॐ नमः शिवाय” की भक्ति में लीन प्रस्तुति दी
उज्जैन की हीरामणी वर्मा और उनके साथी मटकी नृत्य के माध्यम से भोजपुर के आकाश में अठखेलियां करते चंद्रमा की चंचलता को प्रकृति पर उतार लाए। नृत्य और गायन में उनकी वर्षों की साधना की झलक दिखाई दे रही थी। भोजपुर महोत्सव में ऋषभ शर्मा ने अपनी मधुर और भक्तिमय प्रस्तुति से श्रोताओं को संगीतमयी यात्रा पर ले गए। प्रस्तुति की शुरुवात “तिलक कामोद” राग में अपने घराने की परम्परा की झलक पेश कर श्रोताओं को संगीत की एक अद्भुत दुनिया में प्रवेश कराया। इसके बाद, उन्होंने “शंकरा” की मनमोहक धुन से माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। ऋषभ शर्मा ने “ॐ नमः शिवाय” की भक्ति में लीन प्रस्तुति दी, जिससे पूरे पंडाल में शिवमय वातावरण बन गया। फिर, उन्होंने “शिव कैलाशवासी धौली धरों के राजा शंकर संकट हर ना (शिव शम्भो हरणा ) शंकर संकट हरना ” गाकर भोलेनाथ की महिमा का गुणगान किया।
कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 6:30 बजे से शुरू होगा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि भोजपुर का मंदिर महाभारत कालीन है, इस मंदिर की प्रसिद्धी पूरे विश्व में है। आज मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है जहां अपनी लोक संस्कृति को पूरे देश में सबसे अधिक बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। सरकार धार्मिक स्थलों पर विविध कार्यक्रम करा कर संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। सुरेंद्र पटवा ने कहा कि आज भोजपुर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किये। पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि सुंदरलाल पटवा ने इस महोत्सव को शुरू किया था, आज हजारों लोग इस महोत्सव का आनंद लेने आते हैं। कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 6:30 बजे से शुरू होगा, जिसमें श्रोताओं का प्रवेश निःशुल्क रहेगा। संचालक, संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि तीन दिवसीय समारोह में आराध्य शिव के गीत-संगीत से भक्ति रस की पावन गंगा बहेगी। इस अवसर पर पूर्व केबिनेट मंत्री रामपाल सिंह, कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, राकेश शर्मा, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीओपी शीला सुराणा, सीईओ वृन्दावन मीणा, टीआई भारत प्रताप सिंह, विजय त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।
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