अमृतसर. पंजाब सरकार अब नशे के खिलाफ एक्शन मोड में आ गई है। नशा तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री भगवंत मान सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक चंडीगढ़ के पंजाब भवन में होगी, जहां नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में कुछ जिलों में नए SSP और DC नियुक्त किए गए हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि अपराधियों और गैंगस्टरों को अपराध करने के बाद एक चौराहे से दूसरे चौराहे तक भी नहीं पहुंचने देना चाहिए। इसके बाद से ही पुलिस और गैंगस्टरों के बीच लगातार मुठभेड़ हो रही हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पांच मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति का गठन


गुरुवार को सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ जारी कार्रवाई की निगरानी के लिए पांच मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अमन अरोड़ा, बलबीर सिंह, लालजीत सिंह भुल्लर और तरणप्रीत सोंध को सदस्य नियुक्त किया गया है।
यह समिति जमीनी स्तर पर जाकर काम करेगी और गांवों में लोगों से बातचीत करेगी। इसके अलावा, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की मुहिम सही दिशा में आगे बढ़ रही है या नहीं। समिति अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपेगी।


तीन महिला नशा तस्करों के घरों पर चली बुलडोजर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पंजाब सरकार भी नशा तस्करों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई कर रही है। 27 फरवरी को पटियाला में रिंकी नामक महिला नशा तस्कर का दो मंजिला घर गिरा दिया गया। इसके बाद रूपनगर में आसा नाम की एक महिला और लुधियाना में भी एक अन्य नशा तस्कर के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इससे पहले, 25 फरवरी को लुधियाना के हिम्मत नगर में एक नशा तस्कर का घर गिराया गया था। सरकार को उम्मीद है कि इन कार्रवाइयों से नशा तस्करों में डर पैदा होगा और वे इस तरह की गतिविधियों से बचेंगे। इसके साथ ही, जनता के बीच सरकार की छवि भी बेहतर होगी।