REET 2025: राजस्थान में गुरुवार और शुक्रवार को आयोजित रीट परीक्षा में नकल कराने की कोशिश कर रहे दो युवकों को जालौर पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनमें से एक के पास 1 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही इन आरोपियों को पकड़ लिया, जिससे एक बड़े नकल गिरोह का पर्दाफाश हो गया।

बिना आईडी के होटल में रुके, बन गई बड़ी गलती
जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार के निर्देश पर जालौर पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेशाराम और भीखाराम के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में पता चला कि भीखाराम अपने बेटे-बेटी और भांजे-भांजी को रीट परीक्षा दिलवाने के लिए सांचौर से लाया था। आरोपियों ने होटल में अपनी आईडी जमा नहीं करवाई, जिससे उन पर संदेह हुआ। होटल प्रबंधन ने इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद सुबह 7 बजे पुलिस ने होटल पर दबिश देकर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
नकल कराने के लिए सेंटर से कर रहे थे सेटिंग
पूछताछ में सामने आया कि भीखाराम के साथ आए चार अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल कराने के लिए एग्जाम सेंटर से संपर्क किया जा रहा था। इन चारों में से दो भीखाराम के बेटे-बेटी और दो उसके भांजा-भांजी थे। हालांकि, अभी तक इन चारों छात्रों की संलिप्तता साबित नहीं हुई है।
नकल गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
REET परीक्षा के दौरान हुई इस बड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि नकल माफिया एक बार फिर सक्रिय हैं और परीक्षा को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और एग्जाम सेंटर से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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