शिवम मिश्रा, रायपुर. केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने आज महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच में छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापा मारा. इसमें संदेह के दायरे में आए राजनेता, वरिष्ठ नौकरशाह, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से जुड़े परिसर शामिल हैं. सीबीआई की टीम पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, आईपीएस आनंद छाबड़ा, प्रशांत अग्रवाल, भूपेश बघेल के ओएसडी रहे मनीष बंछोर, आशीष वर्मा के निवास से जांच पूरी कर रवाना हो गई है. सीबीआई ने कल कई अफसरों को पूछताछ के लिए तलब किया है. पूछताछ में बड़े खुलासे होने की संभावना है.

बता दें कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच के लिए CBI के DIG, 2009 बैच के IPS अभिनव खरे के नेतृत्व में दिल्ली से CBI के अफसरों की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची थी. टीम ने प्रदेशभर में 33 से अधिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की. महादेव सट्टा एप मामले में पिछले दस घंटों तक जांच के बाद सीबीआई की टीम वापस रवाना हो गई है.

मनीष बंछोर के घर से संपत्तियों के दस्तावेज लेकर गई CBI की टीम

सीबीआई की टीम भूपेश बघेल, बघेल के पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, आईपीएस प्रशांत अग्रवाल, आईपीएस आनंद छाबड़ा, पूर्व सीएम के ओएसडी मनीष बंछोर के घर से रवाना हो गई है. पूर्व सीएम के ओएसडी आशीष वर्मा के वसुंधरा नगर स्थित निवास को सीबीआई ने सील कर दिया है. अधिकारियों ने मनीष बंछोर के परिजनों से महादेव सट्‌टा एप से जुड़े सवाल पूछे हैं. पैतृक व नौकरी से अर्जित सम्पतियों के दस्तावेज लेकर सीबीआई के अधिकारी रवाना हुए हैं.

छत्तीसगढ़ में 33 से अधिक ठिकानों पर सीबीआई ने मारा छापा

CBI की टीम ने आज तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के प्रशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत 33 से अधिक ठिकाने शामिल हैं.

ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील

राजनांदगांव के VIP कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर CBI की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे.

जानिए पूरा मामला

छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे.