अमृतसर. पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की बुलडोजर कार्रवाई पर आज (मंगलवार) पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस दौरान, पंजाब सरकार अदालत में अपना जवाब दाखिल करेगी। हाईकोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी प्रक्रिया के अनुसार संपत्ति जब्त करने के प्रावधानों को लागू करने की अपील की गई है।
दिल्ली चुनावों के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ा हुआ है। 31 मार्च तक राज्य में 2,721 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 4,592 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अब तक 51 नशा तस्करों के घर बुलडोजर से गिराए जा चुके हैं, जबकि कार्रवाई के दौरान 52 तस्कर घायल हो गए। पुलिस ने अब तक 166 किलो हेरोइन जब्त की है। इसके अलावा, हर दिन विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ और ड्रग्स से जुड़ी अवैध नकदी भी बरामद की जा रही है।

सरकार की आगे की योजना
सरकार की इस मुहिम में एक नया पहलू यह देखने को मिला है कि नशे के कारोबार में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी सामने आई है। कई मामलों में पुरुष तस्करों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नियां और परिवार की अन्य महिलाएं इस अवैध कारोबार को संभालती पाई गईं। इसी के चलते पुलिस ने तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
इसके अलावा, सरकार ने इस मुद्दे पर नजर रखने के लिए पांच मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इस बार के बजट में नशा तस्करों की पहचान के लिए एक विशेष सर्वे करने की भी योजना बनाई गई है। इसी कड़ी में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी नशे के खिलाफ एक जनजागरण यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने 31 जुलाई 2024 को अपना कार्यभार संभाला था और अब उन्होंने लोगों से इस यात्रा में जुड़ने की अपील की है।
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