गया। पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर गया में जिला अग्निशमन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए फायर विभाग ने खास इंतजाम शुरू कर दिए हैं। हाल ही में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने शहर के संवेदनशील और प्रमुख स्थलों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा के उपायों, बिजली की वायरिंग की स्थिति और आपातकालीन निकासी मार्गों का जायजा लिया गया।

प्रमुख धार्मिक स्थलों और टेंट सिटी का निरीक्षण
फायर विभाग की टीम ने मेला क्षेत्र के अहम धार्मिक स्थलों और ठहरने के स्थानों की बारीकी से जांच की।
- प्रमुख स्थल: विष्णुपद मंदिर परिसर, विभिन्न घाट, सीता कुंड, खेल परिसर, गया कॉलेज, प्रेतशिला और अक्षयवट।
- टेंट सिटी: गांधी मैदान और गया रेलवे स्टेशन पर बनाई गई टेंट सिटी के अस्थायी ढांचों और सुरक्षा मानकों की विशेष समीक्षा की गई।
- पहुंच मार्ग: टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी दुर्घटना की स्थिति में दमकल वाहन और बचाव दल बिना किसी बाधा के मौके पर पहुंच सकें।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और बस स्टैंड पर विशेष फोकस
मेला के दौरान भारी भीड़ जुटने वाले स्थानों पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति बस स्टैंड का भी जायजा लिया गया, जहां यात्रियों की भारी आवाजाही होती है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए बिजली के तारों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और अग्निशमन उपकरण पूरी तरह तैयार रखे जाएं।
तुरंत कार्रवाई के निर्देश
विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। फायर विभाग का मुख्य उद्देश्य संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करना है। अधिकारियों ने कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात सूचना पर बिना वक्त गंवाए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में अपने पूर्वजों का पिंडदान कर सकें।



