फिरोजपुर : पंजाब सरकार की ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ मुहिम पर ग्रहण लगता दिख रहा है, क्योंकि रोजाना युवा नशे की चपेट में जान गंवा रहे हैं। ताजा मामला गांव गुरदित्ती वाला का है, जहां मंदीप सिंह उर्फ मंगा, पुत्र पूरन सिंह की नशे की ओवरडोज इंजेक्शन लेने से मौत हो गई। मृतक की लाश मल्लांवाला के जेमल वाला रोड मेन चौक से बरामद हुई, जहां उसने नशे का ओवरडोज इंजेक्शन लिया था।
मृतक मंदीप सिंह शादीशुदा था और उसका 9 साल का बेटा व 14 साल की बेटी है। मृतक के चाचा दरशन सिंह ने बताया कि मल्लांवाला में खुले आम नशा बिक रहा है, लेकिन पुलिस इस पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं। इस लापरवाही के चलते उनका भतीजा मंदीप आज अपनी जान गंवा बैठा। गांव के जसबीर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस नशा तस्करों के साथ मिली हुई है। हाल ही में भी एक अन्य युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हुई थी, लेकिन पुलिस ने तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके इलाके में नशेड़ियों को आसानी से नशा उपलब्ध हो जाता है। मृतक के पिता पूरन सिंह ने कहा कि मल्लांवाला में नशा तस्कर खुलेआम “अच्छी क्वालिटी” का नशा बेचते हैं, जिसके बारे में आम लोगों को भी पता है। उन्होंने सवाल उठाया कि मोटी तनख्वाह लेने वाले अधिकारी इन गतिविधियों से अनजान क्यों हैं। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से कई परिवार बेसहारा हो रहे हैं और युवा बर्बाद हो रहे हैं।

पूरन सिंह ने केंद्र और पंजाब सरकार से अपील की कि अगर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई हो सकती है, तो पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में सरकार क्यों नाकाम हो रही है। उन्होंने मांग की कि तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि युवाओं और उजड़ते परिवारों को बचाया जा सके।
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