चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया और उनके परिवार पर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ में एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मान ने मजीठिया परिवार पर जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए जिम्मेदार जनरल डायर को सम्मान देने का आरोप लगाया।
मान ने कहा कि जलियांवाला बाग में विसाखी के दिन 1919 में गोलीबारी करवाने वाले जनरल डायर को मजीठिया परिवार ने न केवल अपने घर पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया, बल्कि उसे ‘सरोपा’ (सम्मान) भी दिया। उन्होंने दावा किया कि उस दिन, जब हजारों लोगों का खून बहा, मजीठिया के घर में “रेड वाइन” परोसी जा रही थी। मान ने यह भी कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी उस समय मजीठिया परिवार के नियंत्रण में थी, जिसने जनरल डायर को माफी देकर उसे “ऑनरेरी सिख” का दर्जा दिया।
मुख्यमंत्री ने अकाली दल के नेताओं सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया के बीच अनबन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम मजीठिया के बीच संपत्ति को लेकर विवाद है, जिसके कारण दोनों ने एक-दूसरे से दूरी बना ली है। मान ने तंज कसते हुए कहा, “पैसा ही बुरा होता है, मैंने पहले ये बातें नहीं बताईं, लेकिन अब बता रहा हूं।”
इसके साथ ही, मान ने अपने खिलाफ निजी हमलों का जवाब देते हुए कहा, “मेरे साथ पंगे लेते हैं, क्या कलाकार होना बुरा है? लोग कलाकारों को सुनने के लिए पैसे खर्च करते हैं।” उन्होंने मजीठिया परिवार के पूर्वज सुंदर सिंह मजीठिया पर भी निशाना साधा, जिन्होंने उनके अनुसार जलियांवाला बाग कांड के दिन जनरल डायर की मेजबानी की थी।

यह पहली बार नहीं है जब मान ने मजीठिया परिवार पर ऐसे आरोप लगाए हैं। इससे पहले भी वह जलियांवाला बाग कांड के बाद जनरल डायर के मजीठिया परिवार के घर रात्रिभोज करने की बात कह चुके हैं। इन बयानों से पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है।
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