सुनाम. पंजाब के सुनाम में शहीद ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर 31 जुलाई को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
उनके साथ पंजाब आप प्रभारी मनीष सिसोदिया और राज्य के कई अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सभी नेता शहीद ऊधम सिंह स्मारक पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के जीवन से जुड़ी वस्तुओं का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “शहीदों को श्रद्धांजलि देना कोई अहसान नहीं, बल्कि हमारा फर्ज है। आज हम उस फर्ज को निभा रहे हैं।” उन्होंने कहा, “शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।” सीएम मान ने शहीद ऊधम सिंह की वीरता को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए 21 साल तक अपने दिल में देशभक्ति की आग को जिंदा रखा।
उन्होंने कई मौकों पर सर माइकल ओ’ड्वायर को मारने का अवसर होने के बावजूद एक मंच पर ही उन्हें गोली मारने का फैसला किया। जब ओ’ड्वायर ने कहा कि “मैंने इंकलाब को कुचल दिया,” उसी समय ऊधम सिंह ने किताब में छिपाई बंदूक से उन्हें गोली मार दी। उन्होंने कभी माफी नहीं मांगी। मान ने कहा, “हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें शहीदों की धरती पर जन्म मिला। नानके यहीं हैं और शहर केवल 15 किलोमीटर दूर है। हम परमात्मा का धन्यवाद करते हैं कि हमें इस पवित्र धरती पर जन्म मिला।”
बड़े तस्करों को पकड़ा गया
सीएम मान ने बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े तस्करों को पकड़ा गया है और सबसे बड़ा तस्कर अब जेल में है। “लोग उनके नाम से कांपते थे, तस्कर, पुलिस, प्रशासन और अधिकारी भी डरते थे, लेकिन आम आदमी पार्टी उनके नाम से नहीं कांपती। हमने उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया।” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सितंबर से 20,000 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत शुरू होगी और खजाने में कोई कमी नहीं है।
पंजाब में आप की सरकार बनना परमात्मा की कृपा
अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि 2022 में पंजाब में आप की सरकार बनना परमात्मा की कृपा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने हर घर में नशा बांटा, स्कूल और अस्पताल बर्बाद किए, भ्रष्टाचार फैलाया और सारा पैसा लूट लिया।
उन्होंने कहा, “परमात्मा न करे कि बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएं। तीन साल में स्थिति सुधरने लगी है। पहले सरकारी स्कूल इतने खस्ता थे कि वहां जाने में डर लगता था। अब शिक्षा क्रांति के जरिए स्कूलों को बदला गया है। गरीबों के बच्चे सरकारी स्कूलों से पढ़कर आईआईटी तक पहुंच रहे हैं। पहले किसानों को रात 3 बजे बिजली मिलती थी, अब दिन में भी बिजली उपलब्ध है।”
- कैसे संवरेगा नौनिहालों का भविष्यः ग्वालियर जिले के 87 स्कूलों का 5वीं- 8वीं का रिजल्ट जीरो, 17 स्कूलों में 1-1 छात्र वो भी फेल, कलेक्टर रुचिका बोलीं- लेंगे एक्शन
- GT vs RR IPL 2026: डबल हेडर के दूसरे मुकाबले में गुजरात और राजस्थान की होगी भिड़ंत, जानिए पिच का हाल और संभावित प्लेइंग 11 समेत मैच से जुड़ी सभी जरूरी अपडेट्स
- खेल-खेल में जिंदगी खत्मः पेड़ की टहनी गिरने से 10 साल के बच्चे की मौत, जानिए पिता के सामने कैसे काल के गाल में समाया लाल
- लोगों के गुस्से के बाद पाकिस्तान ने पेट्रोल की कीमत घटाकर 378 रुपए की, डीजल की कीमत को रखा यथावत…
- RTE पर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन का बड़ा फैसला, 6 हजार से ज्यादा स्कूलों ने एडमिशन देने से किया इनकार, जानिए क्या है वजह…

