कुंदन कुमार, पटना। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि, वोटर अधिकार यात्रा को देशभर से बड़े नेताओं का समर्थन मिल रहा है। मुद्दा समर्थन का नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट की पारदर्शिता का है।

उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि, वोटर लिस्ट का सही तरीके से स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन होना चाहिए, जिनके नाम काटे गए या जोड़े गए हैं, उसका सही आकलन जरूरी है। हर नागरिक का अधिकार है कि उसका वोट रजिस्टर हो और वह जिसको चाहे वोट डाल सके। VVPAT स्लिप मतदाता को हाथ में मिलनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वोट सही जगह गया या नहीं। हमारे वोट की गिनती होनी चाहिए, यह सबसे बुनियादी मांग है। उन्होंने आरोप लगाया कि, चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के विभाग की तरह काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा, “किसने बयान दिया है, इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस की संस्कृति किसी के निजी परिवार पर अपशब्द बोलने की नहीं है। दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए।” वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सदाकत आश्रम में किए गए विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि, “सरकार में रहकर भी इस तरह का प्रदर्शन करना गलत है। हमारी लड़ाई वोटर को लेकर है, मतदाता का नाम काटना बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगे। चुनाव आयोग पक्षपाती रवैया अपना रहा है।”

मोहन भागवत के हालिया बयानों पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। जनसंख्या पर भागवत के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि, “भागवत जी कुंवारे हैं, दूसरों को सलाह देना बंद करें।” आरक्षण के समर्थन वाले बयान पर उन्होंने कहा कि, “बिहार के नौजवान जनता की आवाज बुलंद कर रहे हैं।”

अंत में उन्होंने कहा कि, “राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा को तपस्या बताया था, और हम उन्हें तपस्वी मानते हैं। बिहार में तेजस्वी यादव युवा नेता हैं। जब तपस्वी और तेजस्वी एक साथ हैं, तो वे बिहार और पूरे देश की जनता की आवाज मजबूती से उठाएंगे।”

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