Rajasthan News: बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का राजनीतिक माहौल अब और रोमांचक हो गया है। कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया की पत्नी उर्मिला जैन ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं क्या यह डमी कैंडिडेट के रूप में है, या फिर पार्टी प्रमोद जैन भाया के नामांकन में किसी संभावित अड़चन से बचाव के लिए यह रणनीति अपना रही है।
उर्मिला जैन का नामांकन और चुनावी रणनीति
उर्मिला जैन, जो वर्तमान में बारां जिला प्रमुख हैं, ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इससे पहले भी कई सीटों पर पार्टियां डमी कैंडिडेट के तौर पर अपने उम्मीदवार के विकल्प के रूप में नामांकन कराती रही हैं, लेकिन उर्मिला जैन का नामांकन राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी इस कदम के जरिए सुनिश्चित करना चाहती है कि अगर किसी कारणवश प्रमोद जैन भाया का नामांकन रद्द होता है, तो उनकी पत्नी को प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस का सिंबल दिया जा सके।
प्रमोद जैन भाया पर दर्ज FIR और कानूनी चुनौतियां
अंता उपचुनाव में प्रमोद जैन भाया के खिलाफ अलग-अलग थानों में आठ FIR दर्ज हैं। इनमें बारां, अंता और मांगरोल थानों में चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र जैसी धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। भाया ने मंच से खुद कहा कि इन FIR में कई मामले विकास कार्यों की मंजूरी से जुड़े हैं।
इन मामलों में आईपीसी की धारा 379, 384, 420, 120–बी, 413, 426, 400, 467, 468 और 471 शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष रूप से IPC की धारा 420 और 120–बी गंभीर मानी जाती हैं, जिनमें सात साल तक की सजा हो सकती है।
कांग्रेस का कहना है कि अधिकांश मामले बीजेपी राज में दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज किए गए थे। पार्टी के प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि इन आठ FIR में से सात मामले ऐसे हैं, जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। 16 जुलाई 2025 के आदेश के तहत सुप्रीम कोर्ट ने भाया की गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई है।
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