Chhattisgarh News: बिलासपुर. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव इस माह नहीं हो सके. अधिवक्ता इसे जनवरी में कराने के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित करने की मांग कर रहे हैं. अब तक चुनाव का कोई शेड्यूल नहीं आया है. इससे पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में हो रहे विवाद की स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल की विशेष समिति द्वारा उपचुनाव पर स्थगन दे दिया गया था. आगामी चुनाव होने तक बार एसोसिएशन के कार्यों के संचालन और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से करवाने हेतु तीन सीनियर अधिवक्ताओं को प्रशासक नियुक्त किया गया. उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के सुचारू संचालन हेतु जो तीन सदस्यीय प्रशासक समिति बनी है उनमें इसमें शामिल वरिष्ठ अधिवक्ताओं में एचबी अग्रवाल, राजकुमार अवस्थी, राजेश कुमार केशरवानी के नाम हैं.

भरे जा रहे डिक्लेयरेशन फार्म-वर्ष 2025 के चुनाव की निर्धारित तिथि (28 नवंबर) निकल चुकी है, मगर अब तक चुनाव कार्यक्रम तय करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है. हाईकोर्ट में वकालत करने वाले अधिवक्ताओं का बड़ा समूह इस बात का इंतजार कर रहा है कि कोई इलेक्शन शेड्यूल जारी किया जाए. चुनाव से पहले हाईकोर्ट बार एसोसियेशन सदस्यों से एक घोषणापत्र ( डिक्लेयरेशन) भराया जा रहा है, ताकि वास्तविक मतदाताओं का पता चल सके. मालूम हो कि, हाल ही में हुए स्टेट बार काउंसिल के चुनाव से पहले कई अधिवक्ता डिक्लेयरेशन नहीं भर सके और मतदाता सूची से बाहर होने के कारण मतदान से वंचित रहे. इस बार ऐसा न हो इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

चुनाव कार्यक्रम घोषित करें-हाईकोर्ट बार के आजीवन सदस्य संतोष के. पाण्डेय ने जनवरी, वर्ष 2026 के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ का चुनाव कराने निर्वाचन कार्यक्रम अनिवार्य रूप से घोषित करने का अनुरोध प्रशासक समिति से किया है. पाण्डेय ने अपने पत्र में संघ संविधान के नियम 24 उप नियम 2 के अनुपालन में 40 दिन पूर्व अर्थात गुरुवार 27 नवंबर, 2025 को ही संघ के निर्वाचन हेतु चुनाव अधिकारी नियुक्त करने की अपील की थी. अब तक इस बारे में प्रशासक समिति ने कुछ निश्चय नहीं किया है.

पहले जारी हुई थी, प्रारंभिक मतदाता सूची

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों के निर्वाचन हेतु प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की गई थी, परंतु दावा आपत्ति प्राप्त होने के उपरांत निर्धारित निर्वाचन कार्यक्रम के अनुरूप अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन विधिवत रूप से नहीं किया जा सका.