कुंदन कुमार, पटना। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के अंचल कार्यालय, पटना द्वारा राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य स्वयं सहायता समूह (SHG) संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और वित्तीय समावेशन के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना था।

​जीविका दीदियों की आर्थिक समृद्धि पर विशेष जोर

​कार्यक्रम के दौरान एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा ने कहा कि बैंक का मुख्य लक्ष्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि जीविका दीदियों को उनके उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और स्मार्ट मार्केटिंग के लिए सक्षम बनाना है। इससे वे अपने उत्पादों का मूल्य बढ़ाकर अपनी आय और मुनाफे को कई गुना कर सकती हैं।
​उन्होंने आगे कहा कि जीविका केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बिहार की आधी आबादी के आत्मविश्वास, एकजुटता और आर्थिक स्वतंत्रता का एक जीवंत आंदोलन है। पीएनबी इस आंदोलन में हमेशा एक सक्रिय सहयोगी के रूप में खड़ा है। बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 85,321 एसएचजी समूहों को बैंक से जोड़ा जा चुका है, जबकि 72,547 समूहों को सफलतापूर्वक क्रेडिट लिंकेज प्रदान किया गया है।

​बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और सम्मान वितरण

​इस अवसर पर विभिन्न समूहों और लाभुकों को वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए:

  • ​बड़ी ऋण राशि: चांदनी, विष्णु और दुर्गा स्वयं सहायता समूहों को 20-20 लाख रुपये के स्वीकृति चेक प्रदान किए गए।
  • ​लखपति दीदी योजना: इस योजना के तहत दो दीदियों को कुल 4 लाख रुपये का चेक सौंपा गया।
  • ​सम्मान और बीमा: उत्कृष्ट कार्य के लिए दो बैंक सखी, सुश्री रानी कुमारी और रूपम कुमारी को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तीन पीएमजेजेबीवाई (PMJJBY) लाभार्थियों के परिजनों को कुल 6 लाख रुपये का बीमा क्लेम दिया गया।

​मुख्यमंत्री को सौंपी बाढ़ राहत सहायता

​कार्यक्रम के उपरांत, एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा ने पटना में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान उन्होंने बिहार के बाढ़ पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और बैंक की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का चेक सौंपा।