पटना। बिहार में नवनियुक्त आयुष डॉक्टरों की जॉइनिंग को लेकर चल रहे विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हिजाब विवाद में चर्चा में आई डॉ. नुसरत परवीन ने अब तक अपनी सेवा जॉइन नही की है। इसी बीच सरकार ने जॉइनिंग की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ाकर 7 जनवरी 2026 कर दी है। पिछले 11 दिनों में यह दूसरी बार है जब समयसीमा बढ़ाई गई है।

क्या है पूरा मामला

डॉ. नुसरत वही युवा आयुर्वेदिक चिकित्सक है जो 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सुर्खियों में आई थी। कार्यक्रम का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कथित रूप से उनके हिजाब (स्कार्फ) को पकड़ते हुए देखा गया। घटना के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया।

पटना में जॉइनिंग की स्थिति

पटना के सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. नुसरत ने 31 दिसंबर तक रिपोर्ट नहीं की। उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय में दस्तावेज जमा कर पटना सदर ब्लॉक में पदभार ग्रहण करना था। पटना जिले में तैनात 75 आयुष डॉक्टरों में से 63 ने जॉइन कर लिया जबकि डॉ. नुसरत सहित 12 डॉक्टर अब भी अनुपस्थित है।

क्या सरकार मना रही है?

सूत्रों के अनुसार डॉ. नुसरत को जॉइनिंग के लिए बैक-चैनल बात-चीत के जरिए मनाने की कोशिश की जा रही है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने कहा कि उम्मीदवारों के अनुरोध पर समय बढ़ाया गया है क्योंकि राज्यभर में नियुक्त 1,200 से अधिक डॉक्टरों में कई ने अभी रिपोर्ट नहीं की है। डॉ. नुसरत की नियुक्ति राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत संविदा पर हुई है।