Delhi Morning News Brief (दिल्ली मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ): कल (2 जनवरी 2026) की खबरों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली वसीम हत्याकांड की जिम्मेदारी, देश की महान विभूतियों को सम्मान ,आवारा कुत्तों की गिनती से जुड़ी खबर फर्जी, दिल्ली में पेयजल जांच लैब्स की हालत चिंताजनक प्रमुख रहा।

1 लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली वसीम हत्याकांड की जिम्मेदारी
दिल्ली में हुए वसीम हत्याकांड की जिम्मेदारी अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने लेने का दावा किया है। गैंग की ओर से कहा गया है कि यह हत्या उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के लिए अंजाम दी गई। हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह हत्या आपसी रंजिश का नतीजा सामने आई थी। यह सनसनीखेज वारदात दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में हुई थी, जहां वसीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब बिश्नोई गैंग के दावे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या हत्या का सीधा संबंध गैंगवार और संगठित अपराध से है।

2 देश की महान विभूतियों को सम्मान
दिल्ली विधानसभा में देश की दो महान विभूतियों की फोटो लगाने की घोषणा की गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इन फोटो का अनावरण केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस मौके पर एक विशेष कॉफी टेबल बुक भी जारी की जाएगी, जिसका शीर्षक है ‘भारत माता’। पुस्तक में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी सामग्री को समेटा गया है। अध्यक्ष गुप्ता के अनुसार यह पहल संविधान भवन में ऐतिहासिक और प्रेरणादायक प्रतीकों को सम्मान देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि विधानसभा परिसर में आने वाले नागरिकों और अधिकारियों को देश की महान विभूतियों की याद रहे।

3 आवारा कुत्तों की गिनती से जुड़ी खबर फर्जी
दिल्ली के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से आवारा कुत्तों की गिनती कराने से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों को पूरी तरह भ्रामक, गलत और फर्जी करार दिया है। निदेशालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई आदेश कभी जारी नहीं किया गया। विभाग के अनुसार, यह दावा शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सोची-समझी साजिश के तहत फैलाया जा रहा है। DoE ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें। विभाग ने यह भी कहा कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है।

4 दिल्ली में पेयजल जांच लैब्स की हालत चिंताजनक
राजधानी दिल्ली में पेयजल की गुणवत्ता जांच करने वाली सरकारी प्रयोगशालाओं की स्थिति बेहद खराब सामने आई है। देशभर में जहां जल जीवन मिशन के तहत पानी जांच लैब्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों (NABL) के अनुरूप उन्नत करने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है, वहीं दिल्ली इस मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे पिछड़ा हुआ नजर आ रहा है। यह स्थिति राजधानी में पीने के पानी की निगरानी और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कल की कुछ महत्वपूर्ण खबरेंः-
CM गुप्ता ने अधिकारियों को सौंपा नए साल में टास्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) ने नव वर्ष के मौके पर राजधानी के विकास के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने सरकार के सभी विभागों के प्रमुखों के साथ हुई एक अहम बैठक में साफ किया कि उनकी सरकार दिल्ली को ‘सुविधा-संपन्न और विकसित राजधानी’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ठोस और जनोपयोगी योजनाओं को इसी वर्ष जमीन पर उतारा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को एक विशेष टास्क सौंपते हुए निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़ी ऐसी योजनाएं तैयार करें, जिनका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे और जिनके परिणाम जल्द दिखाई दें। (पढ़े पूरी खबर)
रिश्वतखोरी केस में MCD का JE समेत 3 दोषी करार: दिल्ली की एक अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में एमसीडी के एक जूनियर इंजीनियर सहित तीन लोगों को दोषी ठहराया है। अदालत ने पाया कि आरोपियों ने घर बनाने की अनुमति देने के लिए रिश्वत मांगने के साथ-साथ रिश्वत नहीं देने पर घर गिराने की धमकी भी दी थी। सजा पर सुनवाई की अगली तारीख 5 जनवरी तय की गई है। (पढ़े पूरी खबर)
दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी; दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना ठोस कारण के याचिकाएं दायर करने की प्रवृत्ति पर कड़ी चिंता जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल वही व्यक्ति याचिका दायर करने का अधिकार रखता है, जो कथित अवैध या गैरकानूनी निर्माण से सीधे तौर पर प्रभावित हो। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से प्रभावित नहीं है और न ही उसके कानूनी अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो ऐसी याचिकाएं न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग मानी जा सकती हैं। कोर्ट के अनुसार, इस तरह की याचिकाएं न सिर्फ न्यायिक समय बर्बाद करती हैं, बल्कि वास्तविक पीड़ितों के मामलों की सुनवाई में भी देरी का कारण बनती हैं। (पढ़े पूरी खबर)
सिग्नेचर ब्रिज का रखरखाव और सुरक्षा PWD के हाथ: दिल्ली की यमुना नदी पर बने सिग्नेचर ब्रिज की देखरेख अब लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन होगी। पहले यह जिम्मेदारी दिल्ली पर्यटन विभाग के पास थी। PWD के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को इस बदलाव की जानकारी दी और बताया कि अब ब्रिज के रखरखाव, सुरक्षा और संचालन की पूरी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास होगी। (पढ़े पूरी खबर)
पत्नी की बचत भरण-पोषण से इनकार का आधार नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि अलगाव के बाद पत्नी के बैंक खाते में कुछ बचत होना या परिवार को एक बार पैसे भेजना, पति के लिए भरण-पोषण देने से इनकार करने का वैध आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण का उद्देश्य पत्नी को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध कराना है और इसे इस आधार पर नकारा नहीं जा सकता कि उसके पास सीमित बचत है या उसने कभी अपने परिवार की मदद के लिए धन भेजा हो। हाई कोर्ट ने दोहराया कि पति की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है कि वह पत्नी का भरण-पोषण करे, जब तक यह साबित न हो जाए कि पत्नी स्वयं आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर है। (पढ़े पूरी खबर)
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