हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल आपूर्ति की परीक्षण प्रक्रिया उस समय विवाद का कारण बन गई, जब पानी छोड़े जाने के साथ ही क्षेत्र में अव्यवस्था की स्थिति बन गई। जल परीक्षण के दौरान अचानक तेज दबाव से पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे कई गलियों में जलभराव हो गया और निचले इलाकों में स्थित घरों व दुकानों में पानी घुस गया।

इंदौर दूषित पानी कांडः खाद्य सुरक्षा विभाग एक्शन में, बिना लाइसेंस संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्ट्री

ड्रेनेज के लिए खोदे गए गड्ढे पानी से भर गए

दरअसल इंदौर के भागीरथपुरा में जल आपूर्ति शुरू होते ही सड़क पर बहते पानी ने यह साफ कर दिया कि पाइपलाइन सुधार कार्य पूरी तरह संतोषजनक नहीं था। जिस स्थान पर हाल ही में ड्रेनेज लाइन बिछाई गई थी, वहीं से पानी का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते ड्रेनेज के लिए खोदे गए गड्ढे पानी से भर गए। वही इस मामले में प्रशासन की ओर से पहले ही मुनादी कराकर लोगों को नर्मदा के पानी का उपयोग न करने की चेतावनी दी गई थी।

सुधार कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए

वहीं यह प्रक्रिया केवल लाइन की सफाई और परीक्षण के लिए है और कुछ समय तक पानी को यूं ही बहने दिया जाएगा, ताकि किसी भी तरह का दूषित जल पूरी तरह बाहर निकल सके। फिलहाल, जलभराव से परेशान रहवासियों ने सुधार कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि दोबारा आपूर्ति शुरू करने से पहले पूरी लाइन की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H