राकेश चतुर्वेदी, भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रोबेशन पीरियड के दौरान काटी गई सैलरी को गैर संवैधानिक बताया है। इसी के साथ ही प्रोबेशन पीरियड में काटी गई सैलरी को एरियर सहित वापस करने के आदेश दिए हैं।

समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा साल 2019 में जारी किया गया सर्कुलर रद्द किया है। सर्कुलर में पहले साल में 70 दूसरे में 80 और तीसरे साल में 90% सैलरी काटने का प्रावधान था। कोर्ट ने कहा- प्रोबेशन पीरियड में काम हंड्रेड परसेंट तो फिर सैलरी काटने का क्या तुम। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि-समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत है। मामला तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है।

अंधेरे को मात देकर दुनिया जीतीः गांव की दुर्गा येवले ने वर्ल्ड कप में लहराया तिरंग, इंदौर आवासीय विद्यालय में

नई भर्तियों के वेतन पर कोर्ट का बड़ा फैसला
प्रोबेशन पीरियड में वेतन कटौती को अवैध ठहराते हुए कहा- जिन नए कर्मचारियों को वेतन की राशि काटी गई है
सरकार उन्हें कटौती की राशि लौटाए। जब कर्मचारी 100 फीसदी काम कर रहा है, तो फिर उसके वेतन से कटौती क्यों हो रही है। प्रोबेशन पीरियड में वेतन कटौती का आदेश रद्द कर दिया है। काटा गया वेतन वापस लौटाने के भी निर्देश है।

कर्मचारियों की लगी लॉटरी

हाईकोर्ट के आदेश से हजारों कर्मचारियों को 4 लाख एरियर सहित मिलेंगे। तीन साल की प्रोबेशन में कर्मचारियों को 1.7 लाख से 4 लाख रुपए तक का नुकसान हुआ था।

चतुर्थ श्रेणी (₹15,500 बेसिक)
नुकसान- 1,74,840

तृतीय श्रेणी (₹18,000 बेसिक)
नुकसान- ₹2,01,540

तृतीय श्रेणी (₹19,500 बेसिक)
नुकसान- ₹2,19,420

तृतीय श्रेणी (₹25,500 बेसिक)
नुकसान- ₹2,85,085

तृतीय श्रेणी (₹28,700 बेसिक)
नुकसान- ₹3,23,258

तृतीय श्रेणी (₹36,200 बेसिक)
नुकसान- ₹4,07,078 तक नुकसान

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H