पटना। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) पटना में करीब 44.50 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में AIIMS प्रशासन के अधिकारी राज कुमार जालान ने फुलवारी शरीफ थाने में चीफ कैशियर अनुराग अमन के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

कैश बुक और बैंक एंट्री में भारी अंतर

संस्थान की ओर से कराए गए नियमित आंतरिक ऑडिट में इस घोटाले का खुलासा हुआ। ऑडिटर पीयूष आनंद द्वारा कैश बुक, भुगतान रजिस्टर, रसीदों और बैंक खातों का मिलान किया गया, जिसमें नकद लेन-देन और बैंक एंट्री के बीच भारी अंतर पाया गया। शुरुआती जांच में कई बड़े भुगतान बिना वाउचर, दस्तावेज और सक्षम अधिकारी की अनुमति के किए जाने की पुष्टि हुई।

44 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला

ऑडिट टीम के गहन विश्लेषण में लगभग 44.50 लाख रुपये का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा नहीं मिला। इसके बाद AIIMS प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फुलवारी शरीफ थाना में शिकायत दर्ज कराई।

विभागीय जांच शुरू

AIIMS पटना प्रशासन ने आरोपी चीफ कैशियर अनुराग अमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि आरोप अत्यंत गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया ठोस साक्ष्य मिले हैं। पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

शेयर मार्केट में निवेश की बात कबूली

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने गबन की राशि शेयर मार्केट में निवेश करने की बात स्वीकार की है। पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर जांच जारी है।

स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी सुचारू

AIIMS प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वित्तीय निगरानी और ऑडिट प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।