Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज शुक्रवार (9 जनवरी) को इस मामले में राजद सुप्रीमो लालू यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत कुल 46 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। जबकि 52 आरोपियों को विशेष जज विशाल गोगने की अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
जदयू ने मांगा इस्तीफा
लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय होने पर जदयू प्रवक्ता सह विधानसभा पार्षद नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का इस्तीफा मांगा है। नीरज कुमार ने कहा कि, जो आरोप न्यायालय ने तय किए हैं वह गंभीर हैं। लालू प्रसाद यादव को सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। राबड़ी देवी भी इस मामले में अभियुक्त हैं, उन्हें भी बिहार विधान परिषद में विधायक दल के नेता से इस्तीफा देना चाहिए। तेजस्वी यादव विधानमंडल दल के नेता हैं, उनको भी इस्तीफा देना चाहिए। नीरज कुमार ने आगे कहा कि, तेजस्वी यादव का नाम तरुण यादव भी है, उनके नाम पर भी जमीन लिखवाई गई। आप लोगों को अविलंब इस्तीफा देना चाहिए।
राजद ने बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार
इस मामले में पर राजद नेता शक्ति सिंह यादव कि प्रतिक्रिया सामने आई है। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि, हमें कोई आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि भाजपा और इस देश की संवैधानिक संस्थाएं किस तरह से काम कर रही हैं, वह हमने देखा है। मतलब साफ है कि CBI इस पूरे मामले में गलत रही है। तीन-तीन बार इस मामले को बंद किया गया था। इस देश में जो भाजपा से आंख से आंख मिलाकर काम कर रहा है, उनकी गलत नीतियों का विरोध कर रहा है, उसे इस तरह कार्रवाई का सामना करना ही पड़ेगा। इसलिए हम लोग इसे लेकर चिंतित नहीं हैं और कानूनी तौर पर जवाब देंगे।
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