खंडवा। Khandwa MP Gyaneshwar Patil: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लगभग 18 लोगों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। वहीं हर तरफ से आस खो बैठे लोगों की बची हुई उम्मीदें भी भाजपा नेताओं के शर्मनाक बयान से बिखर रही है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने जनता को घटिया सलाह दी है कि वे सरकार के भरोसे न बैठे और अपनी जिम्मेदारी खुद ले।
सांसद बोले- जनता की भी जिम्मेदारी बनती है
दरअसल, खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उनसे इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद खंडवा में व्यवस्थाओं और दूषित पानी की रोकथाम को लेकर सवाल किया गया। इस पर सांसद ने कहा कि ‘चाहे खंडवा हो, नगर परिषद हो या ग्राम पंचायत हो, इंदौर की घटना से हम सभी को सबक लेना चाहिए। सिर्फ सरकार ही सब कुछ करे, सरकार के भरोसे हम रहे, ये भी ठीक नहीं है। जनता की भी एक जिम्मेदारी बनती है।’
जनता को ही सौंप दिया सफाई का जिम्मा !
सांसद ने अपने इस बयान से एक तरफ से सीधे तौर पर जनता को ही सफाई का जिम्मा सौंप दिया और गंदगी का ठीकरा उनके सिर पर फोड़ दिया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अब जनता खुद सड़कें खोद कर पाइपलाइन लगाए या फिर निगम की टंकियों को साफ कर सप्लाई वाला पानी घर-घर पहुंचाने का काम करे। अगर जनता को ही यह सब करना है तो फिर जिम्मेदार पद पर क्यों बैठे हैं ?
‘घंटा’ बयान से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की हुई थी फजीहत
बता दें कि सांसद पहले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने मौतों और गंदगी पर ऐसा शर्मनाक बयान दिया है। इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार से अभद्रता करते हुए ‘घंटा’ कहा था। इस बयान पर कांग्रेस ने अनोखे-अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर उन्हें घेरा। इतनी फजीहत हुई कि कैलाश विजयवर्गीय किसी भी मामले पर बयान देने से बचने लगे।
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