Odisha School Attendance Rule: भुवनेश्वर. ओडिशा के प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने एक नई एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि जो छात्र एक हफ्ते या उससे अधिक समय से स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर जांच की जाए. यह कदम ओडिशा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (OSCPCR) के निर्देशों के बाद उठाया गया है.
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एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि लंबे समय तक स्कूल से गैर-हाजिर रहने से ड्रॉपआउट, बाल मजदूरी और कम उम्र में शादी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षक, हेडमास्टर या स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य खुद गैर-हाजिर छात्रों के घर जाएं, ताकि उनकी अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाया जा सके और समय रहते जरूरी मदद दी जा सके.
OSCPCR के मुताबिक, इस तरह के दौरे बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने, उनके शोषण को रोकने और उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकते हैं.
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यह पहल बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के अनुरूप है. यह कानून बच्चों की उपस्थिति की निगरानी और उनके अधिकारों की सुरक्षा में स्थानीय अधिकारियों की अहम भूमिका पर जोर देता है.
जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस एडवाइजरी को तुरंत लागू करें और इसके पालन की रिपोर्ट दें, ताकि शिक्षा व्यवस्था में कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए.
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