Rajasthan News: राजधानी के मानसरोवर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद घायलों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) के ट्रामा सेंटर और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने सभी मरीजों को खतरे से बाहर बताया है।

ट्रॉमा सेंटर और निजी अस्पतालों में 10 से ज्यादा घायल भर्ती

यहां 5 घायलों का इलाज चल रहा है। ट्रॉमा इंचार्ज डॉ. बीएल यादव के मुताबिक, एक मरीज आईसीयू (ICU) में भर्ती है। घायलों को सिर, रीढ़ की हड्डी और हाथ-पैरों में गंभीर फ्रेक्चर आए हैं। जल्द ही इनकी सर्जरी की जाएगी। जवाहर सर्किल स्थित इस अस्पताल में भी 5 मरीज भर्ती हैं। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. डीएस मलिक ने बताया कि रात 11:30 बजे मरीजों को लाया गया था। इनमें से दो न्यूरोसर्जरी और दो ऑर्थोपेडिक विभाग में हैं। एक मरीज के लीवर में चोट के कारण इंटरनल ब्लीडिंग हुई है, जिसका इलाज दवाओं से किया जा रहा है।

वीआईपी मूवमेंट: अस्पताल पहुंचे राजनेता

उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर देर रात ही अस्पताल पहुंचे और घायलों की कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने डॉक्टरों को मुस्तैदी से बेहतर इलाज के निर्देश दिए। शनिवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी एसएमएस अस्पताल का दौरा किया और पीड़ितों के परिजनों को ढांढस बंधाया।

सर्जरी के बाद मिलेगी छुट्टी

चिकित्सकों के अनुसार, जिन मरीजों को फ्रैक्चर या सिर में गहरी चोट है, उनकी सर्जरी प्लान की गई है। वहीं, मामूली चोट वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार और एक-दो दिन की निगरानी के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

पढ़ें ये खबरें