Rajasthan News: पूर्व सांसद और आदिवासी नेता महेन्द्रजीत मालवीया के कांग्रेस में घर वापसी के बयान के बाद अभी भी कांग्रेस में आधा दर्जन नेता घर वापसी के लिए प्रयासरत हैं। इन नेताओं के मामले भी कांग्रेस की अनुशासन समिति के पास लंबित हैं। समिति की जल्दी होने वाली बैठक में इनके नामों पर चर्चा होकर रिपोर्ट बनेगी जिसे हाईकमान के पास पहुंचाया जाएगा। इसके बाद ही उनकी वापसी पर फैसला होगा।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान करीब एक दर्जन बड़े नेताओं ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा या अन्य दलों का दामन थाम लिया था, लेकिन इनमें से कई अब कांग्रेस में घर वापसी करना चाहते हैं। इनमें कई नेताओं ने वापसी के लिए प्रदेश के शीर्ष स्तर के नेताओं से मुलाकात कर वापसी के लिए अर्जी लगाई है।

अनुशासन समिति के पास कई बड़े शहरों जैसे कोटा, झालावाड़, अजमेर, जयपुर सहित कई अन्य जिलों से बागी और कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की अर्जियां लंबित हैं। समिति जल्दी ही बैठक कर इनकी अर्जियों पर चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को देगी। प्रदेश नेतृत्व इस रिपोर्ट पर चर्चा कर पार्टी हाईकमान को मंजूरी के लिए भेजेंगे।

ये बड़े नेता घर वापसी की लाइन में

पूर्व सांसद खिलाड़ीलाल बैरवा, गोपाल गुर्जर, पूर्व विधायक रामचन्द्र सराधना, बलराम यादव और कैलाश मीणा जैसे नाम शामिल है। इनमें खिलाड़ीलाल बैरवा ने तो कुछ महीने बाद ही भाजपा छोड़ दी थी और उसके बाद कांग्रेस नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। वहीं, बीते साल पश्चिमी राजस्थान के वरिष्ट बेता मेवाराम जैब और अमीन खान की घर वापसी हुई थी। मेवाराम जैन को एक विवादित वीडियो के चलते पार्टी से निष्कासित किया था तो अमीन खान को लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण निष्कासित किया गया था। अमीन खान की 12 अगस्त 2025 को और मेवाराम जैन की सितम्बर 2025 में घर वापसी हुई थी। घर वापसी वाले अन्य नेताओं में पूर्व मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल, बाड़मेर के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, ओम बिश्नोई, सुनील परिहार और कामां से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले मुख्तार खान के नाम भी शामिल है।

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