Rajasthan News: जयपुर के नींदड़ में बुधवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य की जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज को वर्तमान समय के महान विद्वान, तपस्वी और भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त बताया। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु ने अपने तप, विद्वता और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से देश-विदेश में भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भगवान राम जीवन के हर कण में बसे हैं

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में श्रीराम कथा का आयोजन होना समाज के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की दिव्य उपस्थिति हर स्थान पर अनुभव की जा रही है और वे हमारे जीवन के प्रत्येक कण में समाहित हैं। भगवान राम भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक नींव हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भगवान राम के नाम की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। हनुमान चालीसा के पाठ से लेकर वैदिक मंत्रों के जाप तक, हर ओर भक्ति का वातावरण बना हुआ है।

साहित्य और धर्म के क्षेत्र में योगदान की सराहना

मुख्यमंत्री ने साहित्य और धर्म के क्षेत्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि तुलसी पीठ की स्थापना के माध्यम से उन्होंने रामायण और हिंदी साहित्य की उल्लेखनीय सेवा की है। चित्रकूट से लेकर विश्व स्तर तक भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान अतुलनीय है।

दिव्यांग छात्रों को सहायक उपकरण वितरित

कार्यक्रम के दौरान रामानंद मिशन की ओर से दिव्यांग छात्रों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से युवाओं को हेलमेट भी प्रदान किए और समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सफाई कर्मियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, सांसद मदन राठौड़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम सहित बड़ी संख्या में संत, विद्वान और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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