पीलीभीत. डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. विकास ऐसा कि प्रसव पीड़ा के बाद सीएचसी पहुंची महिला को 8 घंटे तक इलाज नहीं दिया गया. जिसकी वजह से गर्भवती महिला सीएचसी के गैलरी में जमीन पर लेटी रही, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने इलाज नहीं किया. वहीं जब सीएसची अधीक्षक ने कर्मचारियों को फटकार लगाई तब जाकर महिला को इलाज के वार्ड में ले जाया गया.

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बता दें कि पूरा मामला बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है. जहां गांव मोहम्मद गंज अमखिरिया निवासी सोनू को बुधवार देर रात प्रसव पीड़ा के बाद परिजन लेकर पहुंचे थे. जहां मौजूद कर्मचारियों ने महिला का नाम तो नोट कर लिया, लेकिन इलाज के लिए वार्ड में भर्ती नहीं किया. जिसकी वजह से गर्भवती महिला पूरी रात गैलरी में लेटी रही और दर्द से कराहती रही. अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने महिला का इलाज नहीं किया.

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वहीं जब मामले की जानकारी सीएचसी अधीक्षक डॉ लोकेश गंगवार को हुई तो अस्पताल के स्टाफ को फटकार लगाई और गर्भवती महिला को वार्ड में इलाज के लिए भर्ती कराया. अस्पताल स्टाफ के रवैये से परिजनों में भारी गुस्सा देखने को मिला. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि बदहाल व्यवस्था कब सुधारी जाएगी.