Republic Day Parade 2026: रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड 2026 में वीआईपी कल्चर खत्म करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के दौरान दर्शक दीर्घाओं का नामकरण अब नदियों के नाम पर किया जाएगा। इसके तहत गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख नदियों के नाम दर्शक दीर्घाओं को दिए जाएंगे। अब तक दर्शक दीर्घाओं को ए, बी, सी और अंकों के आधार पर पहचाना जाता था। मंत्रालय का मानना है कि नदियों के नाम से नामकरण करने से भारतीय सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा और वीआईपी–नॉन वीआईपी का भेद खत्म होगा।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गणतंत्र दिवस परेड की मौजूदा व्यवस्था में वीआईपी कल्चर की झलक मिलती थी, जिसे खत्म करने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब कर्तव्य पथ पर मौजूद हर दर्शक खंड का नाम किसी न किसी नदी के नाम पर होगा, जिससे यह भावना समाप्त होगी कि कोई विशेष खंड वीआईपी के लिए आरक्षित है।
रक्षा सचिव ने यह भी बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह 2026 का आयोजन ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रहेगा। वहीं, परेड में सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे (Battle Array) के स्वरूप में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमता और युद्ध तत्परता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
• 77 हजार दर्शक: परेड देखने के लिए कुल 77 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 हजार विशेष आमंत्रित अतिथि होंगे, जिन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
• 32 हजार टिकट: इस बार 32 हजार टिकट आम जनता के लिए बिक्री पर रखे गए हैं। टिकटों की बिक्री ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी की जा रही है। राजीव चौक सहित कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों पर टिकट उपलब्ध हैं।
• मेट्रो फ्री: गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड देखने आने वाले दर्शकों के लिए मेट्रो यात्रा निःशुल्क रहेगी। मेट्रो सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी।
• ईयू का दस्ता: इस बार यूरोपीय संघ (EU) परिषद और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि होंगी। इसके साथ ही ईयू नौसेना का एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में हिस्सा लेगा।
30 झांकियां होंगी शामिल
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों की होंगी, जबकि 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की ओर से प्रस्तुत की जाएंगी। सभी झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम’ रखी गई है, जो देश की सांस्कृतिक विरासत, एकता और राष्ट्रभक्ति के भाव को दर्शाएगी।
वंदे मातरम की रखी गई थीम
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की समग्र थीम ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रखी गई है। इसी थीम को आमंत्रण पत्रों, टिकटों और अन्य आधिकारिक सामग्रियों पर प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसके अलावा कर्तव्य पथ पर दर्शक खंडों में भी वंदे मातरम से जुड़े चित्र और दृश्यात्मक प्रस्तुतियां प्रदर्शित की जाएंगी, ताकि समारोह के हर हिस्से में इस ऐतिहासिक गीत के राष्ट्रभाव को रेखांकित किया जा सके।
भैरव बटालियन भाग लेगी
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सेना के मार्च पास्ट में इस बार नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। इसके अलावा भारतीय सेना के 18 अन्य मार्चिंग दस्ते भी परेड में हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि इस बार सेना का पशु दस्ता भी मार्च पास्ट का हिस्सा होगा, जो परेड को एक अलग और पारंपरिक रंग देगा।
यातायात रहेगा प्रभावित
गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के मद्देनज़र शनिवार के अलावा 19, 20 और 21 जनवरी को सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। इसे लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है और लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
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